Jaunpur: हाईवे पर दूल्हे की गोली मारकर हत्या करने वाला ईनामी शूटर रवि यादव एनकाउंटर में ढेर, 1 लाख का था इनाम

Jaunpur Murder Case: जौनपुर में शादी के दिन दूल्हे की हत्या करने वाले एक लाख के इनामी शूटर रवि यादव को पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया है. इस कार्रवाई से पीड़ित परिवार को आंशिक न्याय मिला है, हालांकि घटना के मुख्य साजिशकर्ता प्रदीप बिंद समेत दो अन्य आरोपी अब भी फरार हैं.

रवि यादव
रवि यादव

आदित्य प्रकाश भारद्वाज

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Jaunpur Azad Bind Murder Encounter: उत्तर प्रदेश के जौनपुर में शादी के दिन ही दूल्हे आजाद बिंद की सरेराह हत्या करने वाले खूंखार अपराधी रवि यादव का अंत हो चुका है. पुलिस ने एक लाख रुपये के इस इनामी बदमाश को एक भीषण मुठभेड़ में मार गिराया है. हालांकि, इस दिल दहला देने वाले हत्याकांड के दो मुख्य आरोपी अब भी खाकी की गिरफ्त से दूर हैं, जिनकी तलाश में पुलिस रात-दिन एक किए हुए है. 

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इस एनकाउंटर के दौरान बदमाशों की तरफ से हुई फायरिंग में खेतासराय थाने के इंस्पेक्टर के.के. सिंह भी घायल हो गए हैं, जिनके हाथ में गोली लगी है. वहीं, एक अन्य जांबाज पुलिसकर्मी की जान बुलेटप्रूफ जैकेट की वजह से बच गई जिस पर बदमाश की गोली लगी थी. 

शहनाइयों के बीच बिछ गई थी लाश

इस खौफनाक कहान की शुरुआत हुई थी 1 मई की शाम से. जौनपुर के सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के बड़अउर गांव में आज़ाद बिंद के घर खुशियों का माहौल था. ढोल-नगाड़े बज रहे थे, रिश्तेदार नाच रहे थे और आजाद अपनी शादी के लिए फूलों से सजी कार में सवार होकर बारात लेकर निकला था. उसकी शादी करीब 10 किलोमीटर दूर खेतासराय इलाके के बीबीपुर गांव की रहने वाली सोनी बिंद से तय हुई थी. 

घरवाले और बाराती अभी महज 5 किलोमीटर आगे हाईवे तक ही पहुंचे थे कि अचानक रास्ते में घात लगाए बैठे बाइक सवार बदमाशों ने बारात की कार को घेर लिया. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पलक झपकते ही बदमाशों ने कार पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाना शुरू कर दिया. पहली गोली कार के सामने के शीशे को चीरती हुई सीधे आज़ाद के सीने में जा लगी. इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, दूसरी तरफ से चली गोली उसके जबड़े को चीर गई. आजाद कार की सीट पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़ा और कुछ ही सेकंड में उसका पूरा परिवार बिखर गया. अस्पताल ले जाते-जाते डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

क्यों हुई आजाद की हत्या?

इस दुस्साहसिक मर्डर के बाद जब पुलिस ने तफ्तीश शुरू की तो परतें खुलती चली गईं. पता चला कि यह पूरी वारदात एकतरफा नाराजगी और रंजिश का नतीजा थी. दुल्हन का एक दूर का रिश्तेदार प्रदीप बिंद इस शादी के सख्त खिलाफ था. आरोप है कि प्रदीप ने ही आजाद को रास्ते से हटाने के लिए अपने दो साथियों- रवि यादव और भोले राजभर के साथ मिलकर मौत की यह खौफनाक स्क्रिप्ट लिखी थी.

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि शादी से ठीक पहले आजाद को बारात न लाने की धमकी दी गई थी, लेकिन परिवार ने इसे किसी की शरारत समझकर नजरअंदाज कर दिया था. हत्या के बाद पुलिस ने इन तीनों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया था.

जब बाईपास पर गूंजी गोलियां

हत्याकांड के बाद सूबे में मचे हड़कंप को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने तीनों फरार आरोपियों पर 1-1 लाख रुपये का भारी-भरकम इनाम घोषित कर दिया था. रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी जिला बदलने की फिराक में हैं. खेतासराय थाना क्षेत्र के गोरारी इलाके के पास जब पुलिस चेकिंग कर रही थी, तभी बाइक पर दो संदिग्ध आते दिखे.

पुलिस ने जब उन्हें रोकने की कोशिश की तो वे बाइक मोड़कर निर्माणाधीन बाईपास की तरफ भागने लगे और पुलिस टीम पर सीधी फायरिंग झोंक दी. जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं. इसी क्रॉस फायरिंग में इंस्पेक्टर के.के. सिंह के बाएं हाथ में गोली लग गई. वहीं, पुलिस की एक गोली बाइक पर पीछे बैठे बदमाश को लगी और वह वहीं गिर पड़ा, जबकि उसका दूसरा साथी अंधेरे का फायदा उठाकर रफूचक्कर हो गया. घायल बदमाश को जब जिला अस्पताल ले जाया गया तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. बाद में उसकी शिनाख्त 1 लाख के इनामी कातिल रवि यादव के रूप में हुई.

यूपी को झकझोरने वाला कांड

हाईवे पर दूल्हे की इस नृशंस हत्या ने पूरे उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे. सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक इस बात को लेकर गुस्सा था कि अपराधियों में पुलिस का डर खत्म हो चुका है. इस एनकाउंटर के बाद पुलिस भले ही इसे अपनी एक बड़ी कामयाबी मान रही हो, लेकिन आज़ाद के परिवार का दर्द अब भी कम नहीं हुआ है.

जिस घर में बहू के स्वागत की तैयारियां चल रही थीं, वहां आज भी सन्नाटा और मातम पसरा है. परिजनों का कहना है कि रवि यादव के अंजाम से उन्हें थोड़ी राहत जरूर मिली है लेकिन जब तक मुख्य साजिशकर्ता प्रदीप बिंद और उसका दूसरा साथी भोले राजभर सलाखों के पीछे नहीं पहुंच जाते, तब तक आज़ाद को सच्चा इंसाफ नहीं मिलेगा. पुलिस का दावा है कि बाकी बचे दोनों शिकार भी जल्द ही कानून के शिकंजे में होंगे.

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