Jyoti Maurya Alok Maurya Divorce Case: यूपी की चर्चित पीसीएस अधिकारी ज्योति मौर्य और उनके पति आलोक मौर्य एक बार फिर सुर्खियों में हैं. पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा था कि इस जोड़े के बीच सुलह हो गई है और उन्होंने पुरानी कड़वाहट भुलाकर साथ रहने का फैसला किया है. लेकिन क्या वाकई इन दावों में कोई सच्चाई है या यह महज एक अफवाह है? इस पूरे मामले पर खुद ज्योति मौर्य ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है जिससे पूरी कहानी पलट गई है.
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सुलह की खबरों पर ज्योति मौर्य का बड़ा बयान
ज्योति मौर्य से जब उनके और आलोक के बीच समझौते की खबरों को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने इन तमाम दावों को सिरे से खारिज कर दिया. एक चैनल के मुताबिक ज्योति ने साफ शब्दों में कहा कि उन्हें नहीं पता कि इस तरह की भ्रामक खबरें कहां से और क्यों फैलाई जा रही हैं. उन्होंने कहा कि शायद जानबूझकर ऐसी बातें हवा में उड़ाई जा रही हैं. ज्योति के अनुसार, अब सुलह या समझौते की कोई गुंजाइश बाकी नहीं रह गई है क्योंकि उनका मामला अब निर्णायक मोड़ पर है.
तलाक की प्रक्रिया अब अंतिम दौर में
ज्योति मौर्य ने कहा कि उनके और आलोक के बीच तलाक की कानूनी प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है. उनके मुताबिक आने वाले दो महीनों के भीतर ये रिश्ता आधिकारिक और कानूनी रूप से पूरी तरह खत्म हो जाएगा. आपको बता दें कि वर्तमान में ज्योति गाजियाबाद में एडीएम प्रशासन के पद पर अपनी सेवाएं दे रही हैं. इसके साथ ही वे अपनी दोनों बेटियों की जिम्मेदारी संभाल रही हैं जो उनके साथ रहकर पढ़ाई कर रही हैं.
आलोक मौर्य के आरोप और अदालती लड़ाई
आपको बता दें कि ये मामला तब शुरू हुआ था जब प्रतापगढ़ में सफाई कर्मी के पद पर तैनात आलोक मौर्य ने ज्योति पर गंभीर आरोप लगाए थे. आलोक का दावा था कि उन्होंने ज्योति को पढ़ाया-लिखाया और अधिकारी बनने में मदद की, लेकिन सफल होने के बाद ज्योति ने उनसे दूरी बना ली. आलोक ने ज्योति पर भ्रष्टाचार और दूसरे अधिकारी के साथ संबंध होने के आरोप भी लगाए थे. हालांकि जांच के दौरान वो रिश्वत लेने के आरोपों को साबित नहीं कर पाए और बाद में उन्होंने अपनी शिकायत वापस ले ली थी. दूसरी ओर, ज्योति ने आलोक पर दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज कराया हुआ है.
सफलता की कहानी से कानूनी जंग तक का सफर
साल 2010 में शादी के बंधन में बंधे आलोक और ज्योति की कहानी कभी संघर्ष और कामयाबी की मिसाल मानी जाती थी. ज्योति ने शादी के बाद भी पढ़ाई जारी रखी और साल 2015 में पीसीएस अफसर बनीं. लेकिन आज यह रिश्ता प्रयागराज जिला कोर्ट और इलाहाबाद हाईकोर्ट के गलियारों में भटक रहा है. जहां आलोक ने गुजारा भत्ते की मांग की है, वहीं ज्योति जल्द से जल्द तलाक लेकर इस रिश्ते से आजाद होना चाहती हैं. फिलहाल सुलह की खबरें महज अफवाह साबित हुई हैं और अब सभी की निगाहें अदालत के अंतिम फैसले पर टिकी हैं.
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