उत्तर प्रदेश की चर्चित पीसीएस अधिकारी ज्योति मौर्या और उनके पति आलोक मौर्या का विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है. हाल ही में आलोक मौर्या द्वारा मीडिया में दिए गए उस बयान के बाद हलचल तेज हो गई है, जिसमें उन्होंने दावा किया है कि उनके और ज्योति के बीच अब सब कुछ ठीक हो गया है और वे एक ही छत के नीचे रह रहे है. इस दावे की हकीकत जानने के लिए यूपी तक की टीम गाजियाबाद स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पहुंची, जहां ज्योति मौर्या वर्तमान में अपर जिलाधिकारी (ADM) के पद पर तैनात हैं.
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कैमरे पर बोलने से किया इनकार
जब यूपी तक की टीम ने गाजियाबाद कार्यालय में ज्योति मौर्या से मुलाकात की और आलोक मौर्या के सुलह वाले दावों पर उनका पक्ष जानना चाहा तो उन्होंने कैमरे पर कुछ भी बोलने से साफ इनकार कर दिया. ज्योति मौर्या का कहना है कि वे इस मुद्दे पर अपनी कोई प्रतिक्रिया नहीं देना चाहती हैं, क्योंकि पहले ही मीडिया में इस मामले को लेकर काफी कुछ चल रहा है. उन्होंने फिलहाल इस पूरे प्रकरण पर चुप्पी साधे रखना ही बेहतर समझा.
क्या है पूरा विवाद?
ज्योति और आलोक मौर्या का विवाद साल 2022-23 में तब शुरू हुआ था जब आलोक ने ज्योति पर कई गंभीर आरोप लगाए थे. आलोक का दावा था कि उन्होंने कर्ज लेकर ज्योति को पीसीएस की तैयारी करवाई, लेकिन अधिकारी बनने के बाद उनके रिश्तों में दरार आ गई. वहीं, ज्योति मौर्या ने आलोक पर धोखाधड़ी और अपनी पहचान गलत बताने (सफाई कर्मचारी होने की बात छुपाने) के आरोप लगाए थे.
2025 में आया नया मोड़
साल 2023 से प्रयागराज की फैमिली कोर्ट में दोनों के बीच तलाक का मामला चल रहा है. इस बीच साल 2025 में आलोक मौर्या ने खुद भी यूपीपीसीएस की आरओ/एआरओ परीक्षा दी, जिससे वे दोबारा चर्चा में आए. अब आलोक के 'सुलह' वाले नए बयान ने सोशल मीडिया पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है कि क्या वाकई यह हाई-प्रोफाइल विवाद खत्म हो गया है या यह केवल एकतरफा दावा है.
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