Iqra Hasan Dharna Saharanpur: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में देर रात भयंकर सियासी बवाल हुआ. दरअसल, कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन अपने समर्थकों के साथ सदर बाजार थाने पर धरने पर बैठ गईं. इससे आधी रात में मौके पर माहौल पूरी तरह गरमा गया. इस दौरान सांसद इकरा हसन और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी बहस भी हुई. मामले ने इतना तूल पकड़ लिया कि सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक यूपी पुलिस के रवैये पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं. क्या है पूरा मामला और क्यों इकरा हसन पहुंची थी थाने? चलिए आपको विस्तार से बताते हैं.
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आधी रात को थाने क्यों पहुंची इकरा हसन?
दरअसल, सपा सांसद इकरा हसन दसाली गांव के मोनू कश्यप की हत्या के मामले में पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने पहुंची थीं. मोनू कांधला थाना क्षेत्र के जसाला गांव के रहने वाला है. मोनू की मां और परिजनों के साथ इकरा हसन डीआईजी ऑफिस में निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर मुलाकात करने आई थीं. इसी दौरान ऑफिस परिसर में पार्किंग और विरोध प्रदर्शन को लेकर पुलिस और परिजनों के बीच विवाद खड़ा हो गया. पुलिस ने सरकारी काम में बाधा डालने और हंगामे का आरोप लगाते हुए पीड़ित पक्ष के लोगों पर ही धारा 151 के तहत चालान कर उन्हें हिरासत में ले लिया.
तानाशाही का आरोप लगाकर साधा निशाना
पीड़ित परिवार के लोगों को ही हिरासत में लिए जाने की खबर सुनकर इकरा हसन भड़क गईं और उन्होंने थाने में डेरा डाल दिया. इकरा ने कहा कि यह सरासर तानाशाही है कि जो लोग अपने बच्चे की हत्या का इंसाफ मांगने आए हैं, पुलिस उन्हीं को जेल में डाल रही है. उन्होंने यूपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह कैसा रामराज्य है जहां शोषित और पिछड़े समाज के कश्यप परिवार के साथ ऐसा अन्याय हो रहा है. उन्होंने साफ कहा कि जब तक पीड़ित परिवार के लोगों को रिहा नहीं किया जाएगा, वे थाने से नहीं हिलेंगी.
पुलिस अधिकारियों से भिड़ गईं सपा सांसद
इस दौरान इकरा हसन और सहारनपुर के एसपी सिटी अभिमन्यु मांगलिक के बीच जमकर बहस हुई. इकरा हसन ने पुलिस अधिकारियों पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए बेहद तल्ख लहजे में कहा कि आप लोगों ने हर आदमी को कमजोर समझ रखा है. क्या करोगे, गोली चला दोगे, तो चला दो गोली, हम डरने वाले नहीं हैं. सांसद ने आरोप लगाया कि पुलिस अफसरों में प्रोटोकॉल तो दूर, इंसानियत तक नहीं बची है.
महिला पुलिसकर्मी पर भड़कीं, लगाया गंभीर आरोप
इस बीच थाने के अंदर का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें एक महिला पुलिसकर्मी इकरा हसन को पानी पीने के लिए दे रही है. इस पर इकरा हसन बुरी तरह चीख पड़ती हैं और पानी पीने से साफ मना कर देती हैं. इकरा ने आरोप लगाया कि इन्हीं महिला पुलिसकर्मियों ने अकेले में उनके साथ बदतमीजी की, उन्हें धक्के दिए और धकियाते हुए लेकर गईं. उन्होंने कहा कि पुलिस वाले अकेले में बेइज्जती करते हैं और सामने आकर नाटक करते हैं.
मान-मनौव्वल के बाद देर रात खत्म हुआ धरना
इस बाद देर रात तक सदर बाजार थाने में भारी पुलिस बल तैनात रहा और माहौल बेहद तनावपूर्ण बना रहा. सपा सांसद इकरा हसन लगातार इस बात पर अड़ी रहीं कि या तो पीड़ित परिवार को छोड़ा जाए या फिर उन्हें भी जेल भेज दिया जाए. काफी देर तक चले हंगामे और तनाव के बाद आखिरकार वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने दखल दिया. पुलिस के आला अफसरों द्वारा पीड़ित परिवार के लोगों को रिहा करने के आश्वासन और मान-मनौव्वल के बाद इकरा हसन ने अपना धरना खत्म किया.
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