Kanpur Double Murder: कानपुर में आधी रात खौफनाक वारदात, बाइक रगड़ने पर पिता-बेटे की सरेआम चाकू मारकर हत्या, दो अस्पतालों ने मोड़ा मुंह

Kanpur Double murder case: कानपुर के नौबस्ता में रविवार रात महज बाइक की रगड़ लगने के मामूली विवाद में दबंगों ने पिता और उनके बड़े बेटे की सरेआम चाकू मारकर बेरहमी से हत्या कर दी.

कानपुर डबल मर्डर
कानपुर डबल मर्डर

गौरांशी श्रीवास्तव

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Kanpur Crime News:उत्तर प्रदेश के कानपुर से कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ाने वाला एक बेहद सनसनीखेज और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. यहां बीते रविवार की रात महज बाइक की हल्की सी रगड़ लगने के मामूली विवाद में तीन दबंग लड़कों ने सरेआम एक पिता और उनके बेटे की बेरहमी से हत्या कर दी, जबकि दूसरा बेटा इस हमले में गंभीर रूप से घायल हो गया है. 

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यह खौफनाक वारदात नौबस्ता थाना इलाके में हुई. मृतकों की पहचान शिव नारायण द्विवेदी और उनके बड़े बेटे शिवम द्विवेदी के रूप में हुई है, जबकि छोटा बेटा सत्यम द्विवेदी अस्पताल में उपचाराधीन है. ये तीनों एक मार्बल शोरूम में काम करते थे और कांशीराम कॉलोनी के रहने वाले थे.

"भैया, धीरे चला करो..." बस इतनी सी बात पर मौत का तांडव

घायल छोटे बेटे सत्यम ने रोते हुए वारदात की जो कहानी बताई, वो रोंगटे खड़े कर देने वाली है. सत्यम ने बताया कि रविवार रात करीब 8:00 बजे वह अपने पिता और भाई के साथ एक ही बाइक से दुकान बंद कर घर लौट रहे थे. नौबस्ता की एक गली के मोड़ पर पीछे से आ रही एक अपाचे बाइक ने उनकी मोटरसाइकिल में कट मार दिया, जिससे गाड़ियों की आपस में रगड़ लग गई.

सत्यम ने बस इतना कहा, "भैया, जरा धीरे चला करो". इतनी सी बात सुनते ही अपाचे सवार तीनों लड़के आगबबूला हो गए. उन्होंने आगे जाकर सत्यम की बाइक को रोक लिया और कहा, "इधर आओ, तुम्हें समझाते हैं". इसके बाद आरोपियों ने अपने सिर से हेलमेट उतारा और तीनों पिता-पुत्रों को बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया. मारपीट के दौरान ही एक आरोपी ने जेब से धारदार चाकू निकाला और तीनों पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया. सरेआम सड़क पर चीख-पुकार मचती रही, लेकिन कोई भी उन्हें बचाने आगे नहीं आया.

दो प्राइवेट नर्सिंग होम ने इलाज करने से किया मना 

इस पूरी घटना में संवेदनहीनता की हद तो तब हो गई जब वारदात के बाद खून से लथपथ पिता और भाई को लेकर सत्यम पास के दो प्राइवेट नर्सिंग होम (अस्पतालों) में भागा. सत्यम के मुताबिक, दोनों अस्पतालों ने घायलों को भर्ती करने से साफ मना कर दिया और उन्हें हैलट (सरकारी अस्पताल) ले जाने की नसीहत दे दी. सत्यम डॉक्टरों के आगे गिड़गिड़ाता रहा कि कम से कम खून तो रोक दीजिए, लेकिन डॉक्टरों का दिल नहीं पसीजा. नर्सिंग होम के चक्कर काटने में जो वक्त बर्बाद हुआ, उसकी कीमत दोनों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी और सरकारी अस्पताल पहुंचते-पहुंचते पिता शिव नारायण और भाई शिवम ने दम तोड़ दिया. 

पुलिस महकमे में हड़कंप, एक आरोपी गिरफ्तार, दो फरार

सरेआम सड़क पर डबल मर्डर की खबर मिलते ही कानपुर पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया. पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल खुद अस्पताल पहुंचे और घायल सत्यम से घटना की पूरी जानकारी ली.

पुलिस कमिश्नर ने बताया कि वारदात को अंजाम देने वाले तीनों आरोपियों की पहचान कर ली गई है, जो कि शिवा वर्मा, करण वर्मा और उत्सव अवस्थी हैं. मुख्य हमलावर करण वर्मा था, जिसके पास चाकू था. पुलिस ने मुख्य कार्रवाई करते हुए एक आरोपी शिवा वर्मा (निवासी अकबरपुर, कानपुर देहात) को गिरफ्तार कर लिया है. बाकी दो फरार आरोपियों, उत्सव अवस्थी (19 वर्ष) और करण वर्मा (24 वर्ष) की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें पूरे जनपद में छापेमारी कर रही हैं.

इस वीभत्स घटना के बाद मृतकों की मां और पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है. एक ही दिन में घर से उठी दो अर्थियों ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है.

 

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