कानपुर के महाराजपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हाथी गांव में ट्यूबवेल पर सो रहे किसान हरमोहन यादव की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. घटना वाली रात हरमोहन ने अपने तीन दोस्तों अर्जुन, मुलायम और श्याम के साथ शराब पार्टी की थी, जहां उसका किसी बात पर विवाद भी हुआ था. सुबह हरमोहन का खून से लथपथ शव मिलने के बाद परिवार ने सीधे तौर पर उसके तीनों दोस्तों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करवा दिया था. पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की, लेकिन उन्होंने खुद को बेकसूर बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की.
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मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने नए सिरे से कड़ियां जोड़ना शुरू किया. इसी दौरान पुलिस को एक स्थानीय युवक से अहम सुराग मिला कि घटना की रात बगल के खेत का मालिक धर्मेंद्र यादव भी गायब था और अगली सुबह उसके हाथ पर चोट के निशान देखे गए थे. हैरान करने वाली बात यह थी कि धर्मेंद्र खुद पर शक न होने देने के लिए सुबह हरमोहन की शव यात्रा और श्मशान घाट तक साथ गया था. लेकिन अगले ही दिन वह अचानक अपने परिवार को लेकर ससुराल भाग गया, जिससे पुलिस का शक गहरा गया.
पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए धर्मेंद्र को उसकी ससुराल से गिरफ्तार कर लिया. जब पुलिस ने उससे सख्ती से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया और हत्या के पीछे की जो वजह बताई, उसने सबको चौंका दिया.
क्या है हत्या की वजह?
धर्मेंद्र ने पुलिस को बताया कि करीब एक महीने पहले उसने हरमोहन को गांव की ही एक महिला के साथ आपत्तिजनक हालत में देख लिया था. हरमोहन को डर था कि धर्मेंद्र उसका यह राज पूरे गांव में खोल देगा. अपनी पोल खुलने के डर से हरमोहन ने धर्मेंद्र पर दबाव बनाना शुरू कर दिया और पूरे गांव में यह अफवाह फैला दी कि धर्मेंद्र ने उसके ₹900 चुराए हैं. इतना ही नहीं, हरमोहन ने धर्मेंद्र का फावड़ा और कुदाल भी जबरन छीन लिया था. गांव में हो रही बदनामी से परेशान होकर धर्मेंद्र ने हरमोहन को रास्ते से हटाने की साजिश रची.
बुधवार की रात जब हरमोहन का उसके दोस्तों से झगड़ा हुआ तो धर्मेंद्र को लगा कि बदला लेने का इससे बेहतर मौका नहीं मिलेगा, क्योंकि हत्या का पूरा शक सीधे उसके दोस्तों पर जाएगा. रात में जब हरमोहन सो गया, तो धर्मेंद्र ने पहले डंडे से उसके सिर पर हमला किया और फिर फावड़े से उसकी गर्दन काटकर हत्या कर दी.
पुलिस ने क्या जानकारी दी?
डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने वैज्ञानिक और मैन्युअल इनपुट की मदद से असली कातिल धर्मेंद्र यादव को गिरफ्तार कर लिया है. उसके पास से हत्या में इस्तेमाल किया गया फावड़ा भी बरामद कर लिया गया है. इस खुलासे के बाद पुलिस ने हिरासत में लिए गए तीनों बेकसूर दोस्तों को मामले से पूरी तरह बरी कर दिया है.
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