कानपुर लैंबोर्गिनी केस में नया मोड़?... पुलिस ने कोर्ट में दाखिल चार्जशीट ने बताया हादसे के समय कौन चला रहा था कार

Kanpur Lamborghini Shivam Mishra Accident Case: कानपुर के चर्चित लैंबोर्गिनी हादसे में पुलिस ने 180 पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर दी है, जिसमें शिवम मिश्रा को घटना के समय कार चलाने का जिम्मेदार बताया गया है. गवाहों और CCTV फुटेज के आधार पर केस को मजबूत किया गया है, अब अदालत में इस पर कानूनी लड़ाई तेज होगी.

Kanpur Lamborghini accident case
Kanpur Lamborghini accident case

रंजय सिंह

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Kanpur Lamborghini Accident Case: देशभर में चर्चा में रहे कानपुर के लेम्बोर्गिनी कार दुर्घटना केस में ग्वालटोली पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी है. इस चार्जशीट में पुलिस ने तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा को घटना के वक्त कार चलाने का दोषी ठहराया है. पुलिस के अनुसार ये हादसा शिवम की लापरवाही के कारण हुआ था. 180 पन्नों की इस चार्जशीट में पुलिस ने घटना के दौरान वहीं पर मौजूद तौफीक नामक एक शख्स और बुलेट चलाने वाले सोनू और उसके भाई विशाल को गवाह बनाया है. इसके साथ ही पुलिस ने कई और लागों को भी गवहा बनाकर शिवम पर शिकंजा कसने की तैयारी में है.

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पुलिस ने पेश किए 10 गवाह और सीसीटीवी फुटेज

ग्वालटोली पुलिस ने इस मामले में 10 गवाहों को शामिल किया है. इनमें शिवम के खुद के चार बाउंसर भी शामिल हैं. बता दें कि ये वही बाउंसर हैं जिन्होंने शिवम को कार का शीशा तोड़कर बाहर निकाला था. इसके अलावा हादसे में घायल हुए तौफीक, सोनू और विशाल के साथ तीन स्थानीय दुकानदारों को भी गवाह बनाया गया है. पुलिस ने घटनास्थल से जुड़े चार महत्वपूर्ण सीसीटीवी फुटेज को भी चार्जशीट का हिस्सा बनाया है जो हादसे की पूरी कहानी बयां करते हैं.

ड्राइवर को आगे कर बचने की कोशिश हुई नाकाम

गौरतलब है कि इस हादसे के बाद शिवम की तरफ से उनके वकील ने ड्राइवर मोहनलाल का कोर्ट में सरेंडर कराया था. मोहनलाल ने में दावा किया था कि गाड़ी वो चला रहा था. हालांकि कोर्ट ने इस अपील को खारिज कर दिया क्योंकि पुलिस रिपोर्ट में मोहनलाल का नाम नहीं था. इसके बाद 12 फरवरी को पुलिस ने शिवम को गिरफ्तार किया था. पुलिस के अनुसार, उस वक्त शिवम एंबुलेंस से दिल्ली भागने की फिराक में था. पुलिस ने बताया कि शिवम ने पहले कानूनी नोटिस लेने से भी इनकार कर दिया था जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया. हालांकि, जमानतीय अपराध होने के चलते कोर्ट ने उसी दिन शिवम को बेल दे दी थी.

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कोर्ट में कानूनी लड़ाई जारी रखने की तैयारी

वहीं शिवम के वकील धर्मेंद्र सिंह का कहना है कि वे पुलिस द्वारा दाखिल की गई इस चार्जशीट का अदालत में कानूनी रूप से जवाब देंगे. उनका कहना है कि हादसे के समय मोहनलाल ही कार चल रहा था. दूसरी तरफ कानपुर के डीसीपी सेंटर अतुल श्रीवास्तव ने पुष्टि की है कि चार्जशीट दाखिल हो चुकी है. उन्होंने कहा कि इस मामले में घटना के समय लापरवाही में तत्कालीन थाना इंचार्ज संतोष गौड़ को सस्पेंड कर दिया गया था.

वीआईपी रोड पर हुआ था भीषण हादसा

आपको बता दें कि ये घटना बीती 8 फरवरी की है जब कानपुर के ग्वालटोली क्षेत्र की है. यहां वीआईपी रोड पर एक तेज रफ्तार लैंबॉर्गिनी कार ने कार ने एक ई-रिक्शा और बुलेट सवार को टक्कर मार दी थी. इसके बाद कार अनियंत्रित होकर फुटपाथ पर चढ़ गई थी. घटना के बाद गुस्साई भीड़ ने कार को घेर लिया था जिसके बाद पीछे आ रही गाड़ी में सवार बाउंसरों ने शिवम को सुरक्षित बाहर निकाला था. शुरू में पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज की थी. इसके बाद कार की ड्राइवर सीट से बाहर निकलते हुए शिवम का एक वीडियो समाने आया गया था, जिससे पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे थे. इसके बाद पुलिस ने शिवम को गिरफ्तार किया था. 

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