Kasganj murder case: एक ही परिवार और घर के अंदर पांच लोगों के शव…उत्तर प्रदेश के कासगंज स्थित एक घर पर बीते कुछ दिनों से सुनसान था. न कोई चहल पहल, न कोई हलचल और न बच्चों के बोलने, रोने या खेलने की आवाज, घर के चारों ओर बस सन्नाटा ही सन्नाटा था. ऐसे में पड़ोसियों को लगा कि शायद परिवार कहीं बाहर गया होगा. लेकिन समय बीतने के साथ शक गहराने लगा. इसके बाद आखिरकार घर के बाहर पसरी 72 घंटों की खामोशी का राज खुल ही गया. सच सामने आया तो मामला जानकर हर किसी के रोंगटे खड़े हो गए. दरअसल पता चला कि घर के अंदर एक ही परिवार की पांच जिंदगियां खत्म हो चुकी हैं. परिवार के मुखिया का शव फंदे पर लटका था जबकि उसकी पत्नी और तीन मासूम बच्चों के शव बिस्तर पर पड़े थे. घटना का पता चलते ही पूरे इलाके में दहशत फैल गई. चलिए जानते हैं क्या है पूरा मामला, कैसे पुलिस को घटना का पता चला. पढ़िए इस खबर में...
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72 घंटे बाद ऐसे चला घटना का पता
मामला कासगंज जिले के अमांपुर का है. यहां सत्यवीर अपने परिवार के साथ किराए के मकान में रहते थे. वे वेल्डिंग का काम करते थे. लेकिन पिछले दो तीन दिनों से न तो सत्यवीर की दुकान खुली थी और न ही परिवार का कोई सदस्य घर से बाहर देखा गया था. ऐसे में पड़ोसियों को लगा कि शायद परिवार कहीं रिश्तेदारी में गया होगा. लेकिन शनिवार शाम एक ग्राहक दुकान पर पहुंचा. दुकान बंद देखकर वो सीधा सत्यवीर के घर पहुंच गया. यहां उसने पहले दरवाजा खटखटाया फिर खूब आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला. ऐसे में उसने किसी तरह से पीछे के दरवाजे से झांककर देखा तो अंदर का नजारा देखकर उसकी आंखें फटी की फटी रह गईं.
कमरे के अंदर का खौफनाक मंजर
दरअसल, कमरे के अंदर सत्यवीर सिंह का शव फांसी के फंदे से झूल रहा था. वहीं पास के बिस्तर पर उसकी पत्नी शीला, दो बेटियों और एक बेटे के शव पड़े थे. इतना भयावह दृश्य देखकर उसके पैरों तले जमीन खिसक गई. उसने तुरंत घटना की जानकारी पुलिस को दी. सूचना पर पहुंची घर का दरवाजा तोड़कर अंदर कमरे में दाखिल हुई. पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला कि घर के दरवाजे अंदर से बंद थे और कमरे में जबरन घुसने के कोई निशान नहीं मिले. इससे ये अनुमान मजबूत हुआ कि घटना घर के अंदर ही हुई.
शुरुआती जांच जताया ये अंदेशा
इस मामले में शुरुआती तौर पर आशंका जताई जा रही है कि सत्यवीर ने पहले अपने बच्चों को कोई जहरीला पदार्थ दिया और फिर पत्नी की जान ली. इसके बाद उसने खुद भी फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली. हालांकि, अभी यह केवल एक अंदेशा है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह का पता चल सकेगा.
पड़ोसियों ने परिवार के बारे क्या बताया?
सत्यवीर को जानने वाले लोग इस घटना पर यकीन नहीं कर पा रहे हैं. पड़ोसियों का कहना है कि सत्यवीर एक मेहनती और शांत किस्म का इंसान था. परिवार में कभी कोई बड़ा झगड़ा या तनाव भी नहीं देखा गया. बच्चे स्कूल जाते थे और सब कुछ सामान्य चल रहा था. ऐसे में अचानक इतना बड़ा कदम उठाने के पीछे क्या वजह रही होगी, यह सवाल पूरे कस्बे में चर्चा का विषय बना हुआ है.
पुलिस कर रही है मामले की जांच
मामले में एसपी अंकिता ने बताया कि शनिवार शाम करीब 6:30 बजे पुलिस को इस घटना की जानकारी मिली थी. घर के आगे का शटर और पीछे का दरवाजा, दोनों ही अंदर से बंद थे. किसी के जबरन घर में घुसने के कोई निशान नहीं मिले हैं. प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का लग रहा है, जिसमें परिवार के मुखिया ने पहले बाकी सदस्यों को मारा और फिर खुद जान दे दी. पुलिस मोबाइल डिटेल्स और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से जांच को आगे बढ़ा रही है.
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