Khan Sir Controversy: खान सर का गिरफ्तार गार्ड निकला यूपी का, गांव वालों ने खोले कई बड़े राज, रो-रोकर मां का बुरा हाल

पटना के कोचिंग फायरिंग विवाद में खान सर पर एफआईआर के बाद उनके यूपी निवासी सुरक्षा गार्ड प्रदीप कुमार को गिरफ्तार किया गया है. प्रदीप की गिरफ्तारी से उसके पैतृक गांव मैनपुरी में सन्नाटा पसरा है, जहां परिजनों और ग्रामीणों ने उसे बेकसूर बताते हुए पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं.

Khan Sir Controversy
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पुष्पेंद्र सिंह

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बिहार की राजधानी पटना में दो बड़े कोचिंग संस्थानों के बीच उपजा विवाद अब उत्तर प्रदेश तक पहुंच गया है. खान सर (Khan Sir) की कोचिंग के बाहर हुई फायरिंग के मामले में जहां एक तरफ पुलिस ने फैसल खान उर्फ खान सर के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है, वहीं उनके दो सुरक्षा गार्डों को गिरफ्तार कर लिया गया है. गिरफ्तार किए गए गार्ड्स में से एक प्रदीप कुमार उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के बेवर थाना क्षेत्र के गढ़िया गांव का रहने वाला है.

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प्रदीप की गिरफ्तारी की खबर जैसे ही उसके पैतृक गांव गढ़िया पहुंची, वहां सन्नाटा पसर गया. यूपी तक की टीम जब ग्राउंड जीरो पर प्रदीप के घर पहुंची, तो वहां ताला लटका मिला. हालांकि, गांव के लोगों और प्रदीप के करीबियों ने उसकी छवि को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं.

गांव में करवाई थीं 4 भागवत कथाएं, बेहद धार्मिक है स्वभाव

प्रदीप के साथ बचपन से पढ़े और उनके दोस्त टिंकू यादव ने बताया कि प्रदीप कुमार बेहद शांत और सुलझा हुआ व्यक्ति है. पूरे मौजे (इलाके) में आज तक उसका किसी से कोई झगड़ा नहीं हुआ. टिंकू के मुताबिक, प्रदीप काफी धार्मिक प्रवृत्ति का है और उसने अपने गांव में चंदा इकट्ठा कर चार से पांच बार श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन करवाया था. वह जब भी त्योहारों (जैसे होली) पर गांव आता था, तो हफ्ता-दस दिन रुकता था और सबसे बेहद मिलजुल कर रहता था. गांव वालों का साफ कहना है कि प्रदीप को इस मामले में गलत ढंग से फंसाया गया है.

नोएडा में चलाता था टैक्सी, 2011 में पिता की हुई थी हत्या

पारिवारिक पृष्ठभूमि की बात करें तो प्रदीप अपने माता-पिता का इकलौता बेटा है. साल 2011 में एक जमीनी विवाद के दौरान उसके पिता की हत्या कर दी गई थी. घर की जिम्मेदारी संभालने के लिए प्रदीप पटना जाने से पहले दिल्ली से सटे नोएडा में टैक्सी चलाया करता था. करीब दो साल पहले ही उसने पटना में खान सर के सुरक्षा गार्ड (Security Guard) के रूप में नौकरी शुरू की थी. उसके परिवार में उसकी बुजुर्ग मां, पत्नी और तीन बच्चे हैं जो गांव और नोएडा में रहते हैं.

खबर सुनते ही मां ने छोड़ा खाना-पीना

प्रदीप की चाची ने रोते हुए बताया कि उसकी मां पिछले 10-12 दिनों से गांव में ही रह रही थीं. जैसे ही उन्हें टीवी और फोन के जरिए प्रदीप की गिरफ्तारी की सूचना मिली, उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया. उन्होंने खाना-पीना पूरी तरह छोड़ दिया और बड़बड़ाते हुए रोती-चिल्लाती हुई तुरंत नोएडा के लिए रवाना हो गईं, जहां प्रदीप का परिवार रहता है. चाची ने भी पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनका भतीजा बहुत अच्छा है और यह गिरफ्तारी पूरी तरह झूठी है.

फिलहाल, इस हाई-प्रोफाइल फायरिंग केस में गार्ड्स की गिरफ्तारी के बाद अब पटना पुलिस के अगले कदम और खुद खान सर की भूमिका पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं.

 

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