लखनऊ में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक ट्रेन के S-1 कोच में एक टीन के बॉक्स मिला. इसमें एक लड़की के शव के टुकड़े थे पर सिर गायब था. इस बॉक्स के मिलने के बाद सनसनी फैल गई. मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. उस लड़की का पता चल गया है जिसका शव बॉक्स में टुकड़ों में बंटा था. मामले में आरोपी पिता को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. मृतका की पहचान 15 वर्षीय शब्बा के रूप में हुई है. ये कुशीनगर की रहने वाली है.
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क्या है पूरा मामला
बीते रविवार को लखनऊ रेलवे स्टेशन पर छपरा गोमती नगर एक्सप्रेस ट्रेन के स्लीपर कोच S-1 में टीन के बॉक्स और काले धारी वाला बैग रखा था. रेलवे स्टॉफ की रूटीन चेकिंग में इस लावारिस बॉक्स और बैग को देखा गया. ये ट्रेन छपरा से चलकर गोरखपुर होते हुए लखनऊ आती है. स्टॉफ ने बॉक्स और बैग की जानकारी स्टेशन मास्टर को दी. स्टेशन मास्टर ने इसकी जानकारी जीआरपी को दी. जीआरपी ने ट्रेन में पहुंचकर बॉक्स और बैग को कस्टडी में लेकर खुलवाया. बॉक्स खुलते ही सबके होश फाख्ता हो गए. बॉक्स में एक लड़की का धड़ पॉलीथीन में लपेटकर रखा था. बैग में लड़की के कटे हाथ-पांव रखे थे. लड़की का सिर गायब था.
इसके बाद सूचना लखनऊ कमिश्नर की फील्ड यूनिट को दी गई. मौके पर पहुंची पुलिस के सामने भी बॉक्स खोला गया. मृतका के शरीर पर चोट के निशान थे. सिर गायब होने से मृतका के पहचान में दिक्कत आ रही थी. मृतका ने सलवार-सूट पहन रखा था.
ऐसे हुई युवती की पहचान
लखनऊ जीआरपी ने केस दर्ज कर पड़ताल शुरू की. ट्रेन आने के सभी रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी खंगाले गए. पुलिस ने देखा कि कुशीनगर के तमकुही रोड रेलवे स्टेशन पर तीन लोग स्लीपर कोच में एक बक्स रखते नजर आए. वे स्लीपर कोच से सटे AC कोच से उतरते देखे गए. सीसीटीवी के आधार पर तीनों संदिग्धों की पहचान की तो पता चला कि कुशीनगर के शिवरही का रहने वाला बिग्गन अंसारी, उसकी बहन नूरजहां और बहनोई मुजीबुल्ला ट्रेन में बॉक्स रखने आए थे.
CCTV से मिला क्लू तो आरोपियों तक पहुंची पुलिस
पुलिस ने बिग्गन अंसारी से जब पूछताछ की तो पता चला उसकी 15 साल की बेटी शब्बा दूसरे समुदाय के युवक से फोन पर बात करती थी. बिग्गन ने कई बार बेटी को उस लड़के से दूर रहने को कहा और कई बार चेतावनी भी दी, लेकिन शब्बा नहीं मानी.
2 बेटियों ने प्यार कर घर छोड़ा, तीसरी भी उसी राह पर
आरोपी बिग्गन के साथ बातचीत में पता चला कि इससे पहले उसकी दो बेटियां भी प्रेमी के साथ फरार हो चुकी थीं. बड़ी बेटी भी हिंदू युवक के साथ चली गई थी. अब तीसरी बेटी भी उसी राह पर थी. जिसके चलते वो बदनामी का डर से परेशान रहने लगा. बेटी के नहीं मानने पर वो क्रोध की आग में जलने लगा. इसी गुस्से में बिग्गन ने पहले अपनी पत्नी और दोनों बेटों को रिश्तेदारी में भेज दिया. फिर उसने 16 मई को अपनी बहन नूरजहां और बहनोई मुजीबुल्ला को अपनी बात बताई.
बदनामी के डर से कर दी बेटी की हत्या
बदनामी से डर कर बिग्गन अंसारी ने पहले बेटी की हत्या की और फिर शव के टुकड़े कर दिए. सिर को उसने गांव के तलाब में फेंक दिया. धड़ को टीन के बक्से और हाथ पैर एक थैले में रख लिए. ई-रिक्शा में रखकर घर से करीब 4 km दूर स्थित तमकुही रोड स्टेशन गए जहां तीनों ने ट्रेन के स्लीपर कोच में शव के टुकड़े वाला थैला और टिन का बक्सा रख दिया और बगल के एसी कोच से उतर गए. फिलहाल कुशीनगर जीआरपी की मदद से मुख्य आरोपी पिता बिग्गन अंसारी को गिरफ्तार किया गया है.
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