उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के आशियाना इलाके से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक शख्स को अपनी पसंद की लड़की से शादी करना इतना भारी पड़ा कि उसे अपनी जान गंवानी पड़ी. 4 साल पहले प्रेम विवाह करने वाले विष्णु यादव जब पहली बार अपनी ससुराल पहुंचे, तो वहां उनका स्वागत सत्कार से नहीं बल्कि मौत के तांडव से हुआ. आरोप है कि ससुर और सालियों ने मिलकर विष्णु की बेरहमी से हत्या कर दी.
ADVERTISEMENT
पहली बार ससुराल पहुंचा था दामाद, फिर कभी बाहर नहीं निकला
घटना 17 मार्च 2026 की रात करीब 10 बजे की है. प्रतापगढ़ का रहने वाला 30 वर्षीय विष्णु यादव अपनी पत्नी साक्षी सिंह और 2 साल की मासूम बेटी के साथ पहली बार आशियाना सेक्टर-1 स्थित अपनी ससुराल आया था. घर वालों को लगा था कि समय के साथ पुरानी कड़वाहट खत्म हो गई होगी, लेकिन ससुराल पहुंचते ही विवाद शुरू हो गया. बहस इतनी बढ़ी कि विष्णु की चीखें हमेशा के लिए खामोश कर दी गईं.
चारपाई के पाए से सिर पर वार कर उतारा मौत के घाट
पुलिस की शुरुआती जांच और फॉरेंसिक टीम के मुआयने में हत्या का जो तरीका सामने आया है, वह रोंगटे खड़े कर देने वाला है. बताया जा रहा है कि ससुर तीर्थराज सिंह और उनकी बेटियों (विष्णु की सालियों) ने मिलकर घर की चारपाई के लकड़ी के पाए से विष्णु के सिर पर ताबड़तोड़ वार किए. सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण विष्णु की मौके पर ही मौत हो गई. मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर साक्ष्य इकट्ठा किए हैं.
4 साल बाद भी कम नहीं हुई थी नफरत की आग
विष्णु यादव और साक्षी सिंह ने 4 साल पहले लव मैरिज की थी, जिससे लड़की के घर वाले बेहद नाराज थे. साक्षी के पिता तीर्थराज सिंह, जो पेशे से अधिवक्ता बताए जा रहे हैं, ने इस रिश्ते को कभी स्वीकार नहीं किया था. पत्नी साक्षी ने अपने पति को बचाने की बहुत कोशिश की, लेकिन वह अपने ही पिता और बहनों के जुनून के आगे बेबस नजर आई. घटना के बाद इलाके में सन्नाटा पसरा है और पड़ोसियों का कहना है कि उन्होंने दामाद को पहली बार ही वहां देखा था.
ससुर और चार सालियां पुलिस हिरासत में
पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी ससुर तीर्थराज सिंह और उनकी चार बेटियों को हिरासत में ले लिया है. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या यह हत्या अचानक हुई बहस का नतीजा थी या इसके पीछे पहले से कोई सोची-समझी साजिश रची गई थी. सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या 4 साल पुरानी नफरत इतनी बड़ी थी कि उस 2 साल की मासूम बच्ची पर भी किसी को तरस नहीं आया, जिसके सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया.
ADVERTISEMENT


