उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्मार्ट सिटी के दावों और प्रशासनिक तैयारियों की हवा निकल गई है. लखनऊ यूनिवर्सिटी के पास भारी बारिश के बाद अचानक एक मुख्य सड़क का बड़ा हिस्सा ताश के पत्तों की तरह धंस गया. सड़क धंसने से मौके पर करीब 10 से 12 फीट गहरा और उतना ही चौड़ा खौफनाक गड्ढा बन गया.
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हादसा उस वक्त और गंभीर हो गया जब सड़क से गुजर रहा एक युवक इस गहरे गड्ढे की चपेट में आ गया और नीचे जा गिरा. हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की मदद से उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है.
क्रेन से निकालनी पड़ी मोटरसाइकिल
सड़क धंसने की इस घटना में एक मोटरसाइकिल भी पूरी तरह से 12 फीट गहरे गड्ढे में समा गई. जब तक आसपास के लोग कुछ समझ पाते, बाइक पानी और मलबे के बीच गायब हो चुकी थी. गनीमत यह रही कि उस दौरान वहां ज्यादा चहल-पहल नहीं थी, वरना बड़ा हादसा हो सकता था.
मशक्कत के बाद पहुंची नगर निगम की टीम
हादसे की खबर मिलते ही पुलिस और नगर निगम की टीमें मौके पर पहुंचीं. जलजमाव और लगातार होती बारिश के बीच नगर निगम कर्मचारियों को राहत कार्य में भारी मशक्कत करनी पड़ी. काफी देर तक चली जद्दोजहद के बाद आखिरकार क्रेन बुलाकर गड्ढे में फंसी मोटरसाइकिल को बाहर निकाला गया. एहतियात के तौर पर पुलिस ने सड़क के इस हिस्से को बंद कर दिया है और गड्ढा भरने का काम शुरू कर दिया है.
प्रशासन की व्यवस्था पर खड़े हुए गंभीर सवाल
प्रदेश की राजधानी की सड़कों को लेकर सरकार और नगर निगम लगातार बड़े-बड़े दावे करते आए हैं. ऐसे में यूनिवर्सिटी जैसे व्यस्त और प्रमुख इलाके में 12 फीट गहरा गड्ढा बन जाना कई तीखे सवाल खड़े करता है:
क्या बारिश से पहले सड़कों के रखरखाव और ड्रेनेज सिस्टम की जांच सिर्फ कागजों पर हुई थी?
वीआईपी शहर की मुख्य सड़क पर इतना बड़ा खतरा बनने तक प्रशासनिक अमले की नजर क्यों नहीं पड़ी?
फिलहाल नगर निगम गड्ढे की मरम्मत में जुटा है, लेकिन इस घटना ने राजधानी के सड़क रखरखाव और मानसूनी तैयारियों की जमीनी हकीकत उजागर कर दी है.
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