लखनऊ के पॉश इलाके में खुलेआम BJP कार्यकर्ता की बेरहमी से पीट-पीटकर कर दी गई हत्या, पार्टी करने आए थे, फिर....

लखनऊ के विभूति खंड में अयोध्या के भाजपा नेता शिवम सिंह की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. इस वारदात के बाद मृतक के परिजनों ने साथ आए दोस्तों और ड्राइवर पर ही हत्या की गहरी साजिश रचने का आरोप लगाया है.

लखनऊ से आया हैरान करने वाला मामला
लखनऊ से आया हैरान करने वाला मामला

अंकित मिश्रा

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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के बेहद पॉश इलाके विभूति खंड से एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है. यहां 'जलवा क्लब' (Jalva Club) के बाहर अयोध्या के रहने वाले बीजेपी युवा मोर्चा जिला कमेटी के सदस्य शिवम सिंह की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है. मृतक के परिजनों ने साथ आए दोस्तों और ड्राइवर पर ही हत्या की गहरी साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया है. यह पूरी वारदात 25 मई की रात की है. शिवम सिंह अपने दोस्तों नीलेश और जीशान के साथ पार्टी मनाने अयोध्या से लखनऊ आए थे.

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सिगरेट को लेकर शुरू हुआ था विवाद

मिली जानकारी के मुताबिक देर रात जलवा क्लब के बाहर सिगरेट पीने की बात को लेकर शिवम सिंह और कुछ स्थानीय लड़कों के बीच कहासुनी शुरू हो गई. देखते ही देखते यह बहस हिंसक झड़प में बदल गई. परिजनों का आरोप है कि हमलावरों ने शिवम को चारों तरफ से घेर लिया और लात-घूंसों व पत्थरों से उन पर बेरहमी से हमला कर दिया.

हमले में शिवम के सिर और जबड़े पर बेहद गंभीर चोटें आईं, जिसके कारण वह मौके पर ही बेसुध होकर गिर पड़े. घटना के बाद क्लब के बाहर अफरातफरी मच गई. किसी तरह एक अनजान राहगीर ने यूपी पुलिस (112) को सूचना दी और बेहोश शिवम के ही मोबाइल से सुबह करीब 4:00 बजे उनके भाई सौरभ सिंह को घटना की जानकारी दी.

अस्पताल में नहीं मिला बेड, इलाज के दौरान तोड़ा दम

घटना की खबर मिलते ही शिवम के भाई और परिवार वाले सुबह करीब 6:30 बजे अयोध्या से लखनऊ के लोहिया अस्पताल पहुंचे. परिजनों का आरोप है कि लोहिया अस्पताल में शिवम को समय पर बेड तक नसीब नहीं हुआ. हालत लगातार बिगड़ती देख उन्हें आनन-फानन में गोमती नगर के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उनका ऑपरेशन भी किया, लेकिन इलाज के दौरान शिवम ने दम तोड़ दिया.

परिजनों का संगीन आरोप

शिवम की मौत के बाद उनके छोटे भाई सौरभ सिंह और भतीजे आयुष सिंह ने घटना को लेकर कई बड़े और चौंकाने वाले सवाल उठाए हैं. भाई सौरभ का आरोप है कि वारदात के वक्त शिवम के साथ मौजूद उनके दोस्त और ड्राइवर मदद करने के बजाय उन्हें मरणासन्न हालत में सड़क पर छोड़कर भाग गए.

घटना के बाद से ही साथ आए दोनों दोस्तों ने न तो परिवार को कोई जानकारी दी और न ही फोन कर उनका हालचाल जाना. परिवार को अंदेशा है कि यह महज सड़क पर हुई हिंसा नहीं, बल्कि एक सोची-समझी मर्डर की साजिश है.

एक अन्य रिश्तेदार ने बताया कि घटना के दौरान शिवम ने अपने एक परिचित को फोन कर बताया था कि कुछ लोग उनकी गाड़ी पर पत्थर फेंक रहे हैं. वहीं, पुलिस की पूछताछ में दोस्त नीलेश ने बताया कि सिगरेट को लेकर विवाद के बाद वह कार लेने चला गया था, लेकिन उसके बाद क्या हुआ उसे नहीं पता.

पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट परिवार

विभूति खंड पुलिस ने मृतक के भाई सौरभ सिंह की तहरीर पर अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है. पुलिस जलवा क्लब और उसके आस-पास लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाल रही है, जिसमें शिवम क्लब से बाहर निकलते हुए दिखाई दे रहे हैं.

हालांकि, अयोध्या से आए शिवम के दोस्तों और परिजनों का कहना है कि पुलिस सिर्फ कागजी औपचारिकताएं पूरी कर रही है और मुख्य आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस एक्शन नहीं लिया जा रहा है. पुलिस का दावा है कि कुछ संदिग्धों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही मामले का पूरा खुलासा किया जाएगा.

 

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