'आज बारात जानी थी, लेकिन सब राख हो गया...' लखनऊ अग्निकांड ने शादी की खुशियां मातम में बदलीं, 200 झोपड़ियां खाक

Lucknow Slum Fire: लखनऊ के विकास नगर में भीषण आग ने 200 से ज्यादा झोपड़ियों को राख में बदल दिया. शादी वाले घर की खुशियां मातम में बदल गईं और 10 सिलेंडर के धमाकों से मचा हड़कंप. जानिए पूरा अग्निकांड, प्रशासन का एक्शन और पीड़ितों की दर्दनाक कहानी.

Lucknow Slum Fire News
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अंकित मिश्रा

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Lucknow Vikas Nagar Fire News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के विकास नगर इलाके में बुधवार शाम को एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया. यहां की झुग्गी-झोपड़ियों में लगी भीषण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और करीब 200 से ज्यादा झोपड़ियां जलकर राख हो गईं. इस हादसे में सबसे ज्यादा दर्दनाक कहानी उस परिवार की है, जहां आज बेटे की बारात जानी थी, लेकिन आग ने खुशियों को मातम में बदल दिया. विस्तार से जानिए इस दर्दनाक मामले की पूरी कहानी.

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शादी के घर में मचा कोहराम, दूल्हे ने बचाई जान

हादसे के वक्त विकास नगर की इन झुग्गियों में एक घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं. दूल्हे की मां साड़ी पहनकर तैयार हो रही थीं और बेटे को बारात के लिए दूल्हा बनाने की तैयारी थी. तभी अचानक आग की लपटें उठीं. दूल्हे ने चिल्लाते हुए अपनी मां से कहा, 'मम्मी भागो, वरना मारे जाएंगे.' मां ने रोते हुए बताया कि घर में रखा 5-7 लाख का जेवर, नकदी और कपड़े सब जलकर खाक हो गए. जिस घर से आज बारात निकलनी थी, वहां अब सिर्फ राख और सन्नाटा बचा है.

10 सिलेंडर फटे, 5 किमी दूर तक दिखीं लपटें

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग शाम करीब 5:30 बजे लगी. आग इतनी भयानक थी कि एक के बाद एक 10 से ज्यादा गैस सिलेंडर फट गए, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई. आग की लपटें 5 किलोमीटर दूर तक देखी जा सकती थीं. प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पास के 10 पक्के मकानों को भी खाली करवा लिया और इलाके की बिजली सप्लाई काट दी.

सीएम योगी ने लिया संज्ञान, डिप्टी सीएम पहुंचे मौके पर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को तत्काल राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए. डिप्टी सीएम बृजेश पाठक भी रात में ही घटनास्थल पर पहुंचे और बचाव कार्यों की समीक्षा की. उन्होंने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए और कहा कि सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है. घायलों को बेहतर इलाज के लिए 10 से ज्यादा एंबुलेंस मौके पर तैनात की गई थीं.

20 साल की मेहनत मिनटों में खाक

यहां रहने वाले लोगों का कहना है कि वे पिछले 20-22 सालों से यहां रह रहे थे, लेकिन ऐसा मंजर कभी नहीं देखा. लोगों का सब कुछ लुट गया है, किसी के पास खाने को ना दाना बचा है और न पहनने को कपड़े. आग बुझने के बाद अब लोग राख के ढेर में अपना सामान तलाशने को मजबूर हैं. अग्निकांड में कई मवेशियों के भी झुलसने की खबर है, जिन्हें रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है. प्रशासन फिलहाल सर्च ऑपरेशन चला रहा है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है. हालांकि, अभी तक किसी की जान जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

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