Farsa Wale Baba Death: मथुरा के कोसीकलां में गौरक्षक संत चंद्रशेखर उर्फ फरसा वाले बाबा की मौत को लेकर चल रही अटकलों पर पुलिस ने अब स्थिति साफ कर दी है. शुरुआती तौर पर इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर गौतस्करी और हत्या जैसी बातें सामने आ रही थीं, लेकिन पुलिस जांच में यह मामला एक सड़क दुर्घटना निकला है.
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गौ रक्षक चंद्रशेखर उर्फ फरसे वाले बाबा की एक्सीडेंट मौत मामले को गौतस्करी कहकर अफवाह मचाकर दंगा फैलाने की कोशिश के मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज करके पुलिस ने 13 लोगो को गिरफ्तार किया है. इसके अलावा मथुरा के बाहर का रहने वाला दक्ष चौधरी अपने तीन साथियों के साथ फरसा बाबा के आश्रम आया और अफवाह फैलाने की कोशिश की इस मामले में भी एफआईआर दर्ज करके दक्ष और उसके तीन साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया है.
कैसे हुआ था हादसा
पुलिस के आधिकारिक बयान के अनुसार, घटना के समय बाबा चंद्रशेखर ने एक कंटेनर को शक के आधार पर रोका था. हालांकि जांच में सामने आया कि उस कंटेनर में कोई अवैध गतिविधि नहीं, बल्कि सामान्य किराने का सामान लदा हुआ था.
इसी दौरान घने कोहरे के बीच पीछे से आ रहे एक ट्रक ने कंटेनर को टक्कर मार दी. ट्रक में तार लदे हुए थे. इस जोरदार टक्कर की चपेट में आने से बाबा की मौके पर ही मौत हो गई. पुलिस ने साफ किया है कि इस घटना का गौतस्करी या किसी आपराधिक साजिश से कोई संबंध नहीं है.
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
घटना के बाद पुलिस ने तहरीर के आधार पर कोसीकलां थाने में दुर्घटना का मुकदमा दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई जारी है.
मथुरा पुलिस ने सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक खबरों को लेकर सख्त चेतावनी भी दी है. पुलिस का कहना है कि फेसबुक, ट्विटर (X) और इंस्टाग्राम पर बिना पुष्टि के अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन ने साफ किया है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर नजर रखी जा रही है.
DM चंद्रप्रकाश का बयान सुनिए
मथुरा के जिलाधिकारी चंद्रप्रकाश ने फरसा वाले बाबा (संत चंद्रशेखर) की मौत पर बताया, "रात करीब 4 बजे घने कोहरे के कारण हरियाणा बॉर्डर के पास यह हादसा हुआ. संत चंद्रशेखर उर्फ फरसा वाले बाबा के की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई. जिस ट्रक से टक्कर हुई, उसका ड्राइवर भी गंभीर रूप से घायल हुआ था, जिसे आगरा रेफर किया गया. बाद में उसकी भी मृत्यु की सूचना मिली है.
बाबा जी इस क्षेत्र में गौसेवा के लिए समर्पित थे. उन्होंने अपना पूरा जीवन गौसेवा को समर्पित किया था. ब्रज क्षेत्र में गाय और गौवंश के प्रति लोगों की गहरी आस्था है, इसलिए उनकी मृत्यु से पूरे इलाके में शोक की लहर है.
घटना के बाद कुछ समय के लिए कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई थी, लेकिन प्रशासन और पुलिस ने स्थानीय लोगों से बातचीत कर स्थिति को नियंत्रित कर लिया. लोगों ने धैर्य का परिचय दिया और अब स्थिति सामान्य है.
बाबा जी के आश्रम की ओर से जो मांगें रखी गई हैं, वे उचित हैं. बाबा जी एक निजी गौशाला संचालित करते थे. उनके निधन के बाद गौवंश की देखभाल सरकार की जिम्मेदारी होगी. इसके लिए खंड विकास अधिकारी और उपजिलाधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि गौशाला का निरीक्षण करें और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करें."
बाबा को शहीद का दर्जा देने की मांग
जिलाधिकारी ने बताया, "बाबा जी को ‘शहीद’ का दर्जा देने और उनके नाम पर स्मारक बनाने की मांग भी सामने आई है. इस पर भी उचित स्तर पर विचार किया जाएगा.
इसके अलावा, गौसेवकों को लाइसेंस देने, क्षेत्र में पुलिस चौकी खोलने और टास्क फोर्स बनाने जैसे सुझाव भी मिले हैं. जो लोग नियमों के तहत पात्र होंगे, उन्हें लाइसेंस देने पर विचार किया जाएगा. नागरिकों की सुरक्षा हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है."
हत्या की झूठी खबरें फैलाई
DM ने कहा, "मैं सभी से अपील करता हूं कि भावनाओं में बहकर अफवाहों पर विश्वास न करें. कुछ लोगों ने बाबा जी की हत्या की झूठी खबरें फैलाईं, जो पूरी तरह गलत हैं. यह घटना प्रथम दृष्टया एक सड़क दुर्घटना है. फिर भी, हर पहलू की जांच कराई जा रही है.
जिस कंटेनर को बाबा जी ने रोका था, उसमें रोजमर्रा का सामान जैसे साबुन और अन्य किराना सामग्री मिली. ट्रक में तार लदा हुआ था. घटना के समय कोहरा बहुत ज्यादा था और विजिबिलिटी लगभग शून्य थी, जिससे यह दुर्घटना हुई.
कुछ लोगों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की, पथराव भी हुआ. ऐसे में करीब 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है. शांति व्यवस्था से किसी को खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा. निर्दोष लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी, लेकिन दोषियों को बख्शा भी नहीं जाएगा.
हम सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी."
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