UP Election 2027: उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती अब पूरी तरह से चुनावी मोड में आ गई हैं. शनिवार को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में मायावती ने एक हाई-प्रोफाइल बैठक बुलाई, जिसमें प्रदेश भर के जिला अध्यक्ष, पदाधिकारी और सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों के प्रभारी शामिल हुए. बैठक में मायावती का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर दिखा.
ADVERTISEMENT
इस दौरान उन्होंने साफ कर दिया कि पार्टी एक बार फिर 2007 के उस ऐतिहासिक सोशल इंजीनियरिंग के सहारे सत्ता हासिल करना चाहती है. बसपा प्रमुख ब्राह्मणों, पिछड़ों (OBC) और अल्पसंख्यकों को जोड़ने के लिए भाईचारा कमेटियों को सक्रिय कर रही हैं. हाल ही में ब्राह्मण विधायकों और प्रबुद्ध वर्ग के साथ उनकी बैठकों को इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है.
सपा-कांग्रेस की 'जुगलबंदी' पर तीखा तंज
मायावती ने संसद में चल रहे हंगामे का जिक्र करते हुए राहुल गांधी और अखिलेश यादव की जोड़ी पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों ही जनहित के मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय एक दूसरे को नीचा दिखाने का ड्रामा कर रहे हैं. मायावती ने आरोप लगाया कि चीन सीमा विवाद और अन्य गंभीर मुद्दों को केवल अपनी राजनीति चमकाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे जनता का नुकसान हो रहा है.
कार्यकर्ताओं को दिया जीत का मंत्र
बसपा प्रमुख ने कार्यकर्ताओं को मतदाता सूची (SIR) के संशोधन कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया. उन्होंने चेतावनी दी कि विरोधी दल बसपा को कमजोर करने के लिए नए नए षड्यंत्र रच रहे हैं, जिनसे सचेत रहने की जरूरत है. मायावती ने कहा कि अब समय आ गया है कि पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरा जाए और दलित पिछड़ा अल्पसंख्यक गठजोड़ को मजबूत किया जाए.
ADVERTISEMENT

