2027 चुनाव से पहले बसपा में महासंग्राम: मायावती ने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से निकाला!

न्यूज तक डेस्क

• 10:05 AM • 10 Sep 2026

मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से निष्कासित कर दिया है, क्योंकि उनके अनुसार आकाश पार्टी से ज्यादा पारिवारिक रिश्तों को तरजीह दे रहे थे. ससुर अशोक सिद्धार्थ के देर से लिए राजनीति संन्यास के फैसले को इस बड़े सियासी कदम की मुख्य वजह बताया जा रहा है.

मायावती-आकाश आनंद
मायावती-आकाश आनंद
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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के भीतर का सियासी घमासान खुलकर सामने आ गया है. बसपा सुप्रीमो मायावती ने एक बड़ा कदम उठाते हुए अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से पूरी तरह बाहर का रास्ता दिखा दिया है. आकाश आनंद को बसपा की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया है. गौरतलब है कि इससे ठीक कुछ दिन पहले, 3 सितंबर 2026 को मायावती ने उनसे राष्ट्रीय संयोजक का पद वापस ले लिया था. अब उन्हें पार्टी से ही बेदखल कर दिया गया है.

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ससुर के राजनीति छोड़ने की टाइमिंग पर उठा सवाल

इस पूरे घटनाक्रम के केंद्र में आकाश आनंद के ससुर और पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ हैं. हाल ही में अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा की थी. इसी घोषणा पर मायावती का गुस्सा फूटा. मायावती ने साफ शब्दों में कहा कि अगर अशोक सिद्धार्थ ने सही वक्त पर संन्यास का फैसला ले लिया होता, तो आज न बसपा को नुकसान होता और न ही आकाश आनंद को इन कठिन परिस्थितियों से गुजरना पड़ता. मायावती के मुताबिक, सिद्धार्थ के इस फैसले में हुई देरी की वजह से बहुजन मूवमेंट और आकाश के करियर पर आंच आई है.

'रिपोस्ट' न करने से खुला रिश्तों का सच

मायावती ने आकाश आनंद के रुख और नीयत पर भी तीखे सवाल खड़े किए. उन्होंने एक वाकया साझा करते हुए बताया कि आकाश अक्सर उनके सोशल मीडिया पोस्ट (X) को रिपोस्ट किया करते थे. लेकिन जैसे ही मायावती ने अशोक सिद्धार्थ से जुड़ी पोस्ट साझा की, आकाश ने उसे रिपोस्ट नहीं किया. बसपा प्रमुख ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए कहा कि आकाश पार्टी और आंदोलन से ज्यादा अपने पारिवारिक रिश्तों को प्राथमिकता दे रहे हैं. मायावती ने दो टूक कहा कि जो इंसान 'डबल माइंड' (दोहरे विचार) के साथ काम करेगा, वो पार्टी का भला कभी नहीं कर सकता.

2027 के लिए कार्यकर्ताओं को नई ऊर्जा का संदेश

पार्टी के भीतर इस बड़े बदलाव के बाद मायावती ने अपने कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाया है. उन्होंने विरोधियों के तमाम राजनीतिक दांव-पेचों से न घबराने की हिदायत दी है. मायावती ने बसपा कैडर को आह्वान किया कि वे 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' के मूल मंत्र पर ध्यान दें और पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरें, ताकि 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में बसपा पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में वापसी कर सके.

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