मेरठ: तलाक के बाद ढोल-नगाड़ों से हुआ था स्वागत, अब छलका बेटी का दर्द, बोली- 'मुंह दिखाने लायक नहीं रही'

मेरठ में तलाक के बाद ढोल-नगाड़ों से स्वागत वाली वायरल बेटी प्रणिता वशिष्ठ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ससुराल वालों पर मारपीट के आरोप लगाए हैं. ट्रोलिंग से आहत प्रणिता ने कहा कि वह डिप्रेशन में चली गई हैं और अब अपना चेहरा भी नहीं दिखाना चाहतीं.

मेरठ
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उस्मान चौधरी

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हाल ही में मेरठ की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर जबरदस्त तरीके से वायरल हुई थी, जिसमें एक पिता अपनी बेटी का तलाक होने पर उसे ढोल-नगाड़ों के साथ नाचते-गाते घर लेकर आए थे. बेटी प्रणिता वशिष्ठ के स्वागत की उन तस्वीरों ने इंटरनेट पर बहस छेड़ दी थी. लेकिन अब इस मामले में एक नया मोड़ आ गया है. प्रणिता और उनके पिता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं ट्रोलिंग से परेशान प्रणिता मीडिया के सामने फूट-फूटकर रो पड़ीं.

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"ट्रोलिंग ने फिर से डिप्रेशन में डाल दिया

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रणिता काफी भावुक नजर आईं. उन्होंने रोते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर उन्हें बुरी तरह ट्रोल किया जा रहा है, जिससे उनकी मानसिक स्थिति बिगड़ गई है. प्रणिता ने कहा, "मुझे ऐसा लग रहा है कि मैं अपना चेहरा दिखाने लायक भी नहीं रही हूं. मम्मी-पापा मुझे जिस डिप्रेशन और एंजाइटी से बाहर निकालना चाह रहे थे, ट्रोलर्स की वजह से वो वापस आ गया है."

ससुराल वालों के आरोपों पर पलटवार

प्रणिता के पति और उनके परिवार ने आरोप लगाया था कि प्रणिता ने 'मुंडन' की वजह से तलाक मांगा. इस पर जवाब देते हुए प्रणिता ने कहा, "मुंडन तो अभी हुआ है, लेकिन पिछले 7 साल के दर्द की बात कोई क्यों नहीं कर रहा? जालंधर में जो हुआ, जहां हमें कमरे में बंद करके मारा गया, उसके बारे में कोई क्यों नहीं बोलता?" उन्होंने साफ किया कि वह ससुराल में खुश नहीं थीं, इसलिए उनके पिता उन्हें वापस लेकर आए.

रिटायर्ड जज पिता ने दी सुप्रीम कोर्ट जाने की चेतावनी

प्रणिता के पिता, जो कि रिटायर्ड जज हैं, डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा ने अपनी बेटी का बचाव करते हुए ससुराल पक्ष पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि उनकी बेटी की डिग्निटी (गरिमा) के खिलाफ जो आरोप लगाए गए हैं, वे मौलिक अधिकारों का उल्लंघन हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि वह इस मामले को लेकर हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे.

दहेज और गाड़ी के आरोपों पर उन्होंने कहा, "गाड़ी मेरे पास खड़ी है, अगर वो प्यार से मांगते तो मैं दे देता, लेकिन उन्होंने पुलिस और आर्मी भेजकर मुझे डराने की कोशिश की." उन्होंने जालंधर में हुई मारपीट की एफआईआर का भी जिक्र किया और कहा कि शांति के लिए उन्होंने पहले समझौता भी किया था.

क्या था पूरा मामला?

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पिता डॉ. ज्ञानेंद्र शर्मा अपनी बेटी प्रणिता को उसके ससुराल से ढोल-नगाड़ों के साथ विदा कराकर लाए थे. पिता का कहना था कि अगर शादी धूमधाम से हो सकती है, तो बेटी को सम्मान के साथ वापस क्यों नहीं लाया जा सकता. हालांकि, इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया दो धड़ों में बंट गया और अब यह मामला कानूनी और जुबानी जंग में बदल चुका है.

 

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