Neela Drum Kand Muskan: उत्तर प्रदेश के मेरठ में सनसनी फैला देने वाले चर्चित 'नीले ड्रम कांड' की आरोपी मुस्कान इन दिनों मेरठ जिला जेल की सलाखों के पीछे बंद है. एक तरफ जहां कोर्ट द्वारा फांसी की सजा के ऐलान के बाद मुस्कान और सह-आरोपी रविता कानूनी विकल्पों और रहम की आस लगाए बैठी हैं, वहीं दूसरी तरफ जेल के भीतर दीपावली के त्योहार को लेकर खास तैयारियां चल रही हैं. जेल प्रशासन के मुताबिक, सजा चाहे कितनी भी गंभीर क्यों न हो, लेकिन कारागार के नियमों के तहत बंदियों को सुधारने, उनके मानसिक तनाव को कम करने और उन्हें सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने के लिए विशेष कार्यक्रम चलाए जाते हैं. इसी कड़ी में मुस्कान और रविता भी जेल के अंदर रचनात्मक कार्यों में अपना समय बिता रही हैं.
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जेलर वीरेश राज शर्मा ने बताए जेल के अंदर के हालात
मेरठ जिला जेल के वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने मीडिया से विस्तार से बातचीत करते हुए बताया कि कारागार में दीपावली का त्योहार हर साल की तरह इस बार भी विशेष उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जाता है. उन्होंने कहा कि पुरुष बंदी जहां साफ-सफाई, रंगाई-पुताई और बागवानी के कामों में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं, वहीं महिला बंदी दीये, मोमबत्तियां, झालर और पारंपरिक रंगोली तैयार करने के काम में जुटी हुई हैं.
जेलर ने एक बेहद संवेदनशील बात साझा करते हुए कहा, "कानून अपना काम कर रहा है और अदालत ने सजा तय की है, लेकिन कारागार प्रशासन का मानना है कि हम अपराध और पाप से घृणा करते हैं, पापी से नहीं. बंदी होने से पहले वे इंसान हैं, इसलिए उनके पुनर्वास (Rehabilitation) और मानसिक सुधार के कार्यक्रम लगातार चलाए जाते हैं." उन्होंने पुष्टि की कि मुस्कान और रविता को भी जेल के नियमों के तहत अलग-अलग काम दिए गए हैं. मुस्कान जहां सिलाई-कढ़ाई, दीपावली के लिए झालर-लड़ियां और दीये तैयार करने जैसे कार्यों में भाग ले रही है, वहीं रविता भी बैग निर्माण और अन्य हस्तशिल्प के कामों में सहयोग कर रही है. इसके अलावा, दीपावली के दिन महिला बैरकों के बीच रंगोली प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाता है, जिसमें ये सभी महिलाएं अलग-अलग समूहों में हिस्सा लेती हैं.
भाइयों के आने पर भाईदूज और बहनों की राखियों का खास इंतजाम
त्योहारों के इस माहौल में भाईदूज के पर्व को लेकर भी जेल प्रशासन ने पूरी तैयारी की है. जेलर ने बताया कि यदि इन महिला कैदियों से मिलने उनके भाई आते हैं, तो नियमानुसार उनकी मुलाकात और तिलक-रस्म की पूरी व्यवस्था कराई जाएगी. वहीं जिन महिलाओं के परिवार से कोई मिलने नहीं पहुंच पाता, उनके लिए जेल प्रशासन और स्टाफ द्वारा विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, ताकि किसी भी बंदी को अकेलेपन या परिवार की कमी का अहसास न हो.
क्या है मुस्कान और रविता का पूरा मामला?
गौरतलब है कि मुस्कान मेरठ के चर्चित 'नीले ड्रम कांड' की मुख्य आरोपी है, जिसने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने ही पति की बेरहमी से हत्या कर दी थी और शव को ठिकाने लगाने के लिए नीले ड्रम में भरकर रख दिया था. इस सनसनीखेज वारदात ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था. वहीं दूसरी तरफ, रविता पर भी अपने पति की हत्या के मामले में गंभीर आरोप हैं, जिसे अदालत ने सजा-ए-मौत सुनाई है. फिलहाल दोनों अपराधी महिलाएं मेरठ जेल में उच्च सुरक्षा के बीच अपनी सजा काट रही हैं और जेल प्रशासन के सुधारवादी कार्यक्रमों के तहत अपना समय व्यतीत कर रही हैं.
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