मेरठ: ललिता गौतम को लेकर अखिलेश यादव के पास पहुंची सांसद इकरा हसन, सपा प्रमुख ने यूपी पुलिस को घेरा

समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने पीड़ित परिवार के साथ सपा प्रमुख अखिलेश यादव से मुलाकात की, जिसके बाद अखिलेश यादव ने यूपी पुलिस के लाठीचार्ज वीडियो को लेकर योगी सरकार पर तीखा हमला बोला है.

अखिलेश यादव से मिली ललिता गौतम
अखिलेश यादव से मिली ललिता गौतम
Google CTA

उत्तर प्रदेश के मेरठ का ललिता गौतम हत्याकांड एक बार फिर राजनीतिक गलियारों में गरमा गया है. समाजवादी पार्टी (SP) की कैराना से सांसद इकरा हसन ने इस मामले को लेकर बड़ा कदम उठाया है. इकरा हसन मृतका ललिता गौतम के पीड़ित परिवार को साथ लेकर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात करने लखनऊ पहुंचीं. इस मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने योगी सरकार और उत्तर प्रदेश पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.

Read more!

क्या है पूरा मामला?

मेरठ के टीपी नगर थाना क्षेत्र की रहने वाली बीए थर्ड ईयर की छात्रा ललिता गौतम बीते 15 मई को अचानक लापता हो गई थी. इसके दो दिन बाद यानी 17 मई को उसका शव गन्ने के खेत में बरामद हुआ था. इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी अंकुश समेत दो अन्य लोगों को गिरफ्तार किया था, जिन पर सबूत मिटाने और आरोपी को पनाह देने का आरोप है. हालांकि, मृतका का परिवार पुलिस की इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है. परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने नामजद आरोपियों पर बेहद कमजोर धाराएं लगाई हैं और कई सह-आरोपियों को अब तक बचाया जा रहा है.

SSP के लाठीचार्ज वीडियो के बाद भड़का गुस्सा

यह पूरा मामला 8 जुलाई को उस समय दोबारा चर्चा में आ गया, जब पीड़ित परिवार और प्रदर्शनकारी अपनी मांगों (आर्थिक सहायता, सरकारी नौकरी और कड़ी धाराओं में कार्रवाई) को लेकर मेरठ के डीएम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे थे. इस दौरान सड़क जाम हटाने को लेकर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई. सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडे खुद प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग (लाठीचार्ज) करते दिखे. हालांकि, पुलिस का कहना है कि सड़क जाम होने की वजह से उन्होंने केवल हल्का बल प्रयोग किया था, लेकिन इस वीडियो के बाद विपक्षी दलों को सरकार को घेरने का बड़ा मौका मिल गया.

अखिलेश यादव ने बोला तीखा हमला

इकरा हसन द्वारा पीड़ित परिवार की अखिलेश यादव से मुलाकात कराने के बाद सपा प्रमुख ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करते हुए यूपी पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए. अखिलेश यादव ने लिखा:

"जब वह खुद ही बेलगाम है जिसके हाथ में लगाम है, तो फिर उनका क्या जो उनके दरबार में दरबान हैं. मेरठ की बेटी के साथ हुए महा अत्याचार व हत्या के बाद जिस तरह नामजद आरोपियों पर कमजोर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है और आंदोलनकारियों पर गंभीर धाराओं में मुकदमा लगाया गया है, वह नाइंसाफी की पराकाष्ठा है."

अखिलेश यादव ने आगे लिखा कि जिस पुलिस से न्याय की उम्मीद होती है, उनके ही उच्च अधिकारी अन्याय और अपने अहंकार के झापड़ आम जनता के गाल पर मार रहे हैं. इसका वीडियो पूरी दुनिया में फैल चुका है, जिससे उत्तर प्रदेश पुलिस की छवि खंडित हो रही है. उन्होंने पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया है कि वह न्याय की इस लड़ाई में उनके साथ खड़े रहेंगे.

सांसद इकरा हसन ने भी उठाई मांग

मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए सांसद इकरा हसन ने भी भाजपा सरकार पर हमला बोला. उन्होंने लिखा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की इस लड़ाई में समाजवादी पार्टी हर कदम पर साथ खड़ी है. हमारी मांग है कि भाजपा सरकार पीड़ित परिवार की सभी जायज मांगों को तत्काल पूरा करे और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाए.

बता दें कि समाजवादी पार्टी से पहले आजाद समाज पार्टी के प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आजाद भी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें गांव जाने से रोककर टोल प्लाजा पर ही मुलाकात कराई थी. अब समाजवादी पार्टी के इस रुख के बाद इस हत्याकांड को लेकर यूपी की सियासत और गरमाने के आसार हैं.