Mirzapur BJP district minister controversy: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में भारतीय जनता पार्टी के संगठन में पदाधिकारियों की नियुक्ति को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. दरअसल, 21 मार्च को लखनऊ से जारी 67 नामों की इस लिस्ट में बीजेपी जिलाध्यक्ष की नई कमेटी में हिस्ट्रीशीटर श्याम सिंह यादव को जिला मंत्री बनाया गया है. चर्चा है कि नवनियुक्त जिला मंत्री साल 2008 में हुए एक हत्या के मामले में आरोपी हैं. खास बात यह है कि जिस व्यक्ति की हत्या का आरोप श्याम सिंह पर लगा है उनके चाचा खुद बीजेपी के पुराने और कद्दावर नेता हैं. इस मामले में हमारे सहयोगी यूपी तक से बातचीत करते हुए उन्होंने अपनी पीड़ा जाहिर की. हालांकि, इस पूरे प्रकरण पर बोलते हुए बीजेपी के जिलाध्यक्ष ने इसे विरोधियों की साजिश करार दिया है. इस मामले के सामने आने के बाद से विवाद शुरू हो गया है और जिले की सियासत गरमा गई है.
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बीजेपी के पुराने नेता ने उठाए गंभीर सवाल
इस पूरे मामले में बीजेपी के वरिष्ठ नेता रामदुलार चौधरी ने अपनी पीड़ा व्यक्त की है. आपको बता दें कि राजदुलर चौधरी कई दशकों से बीजेपी से जुड़े हैं. वर्तमान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जब 1989 में मिर्जापुर में बीजेपी के जिलाध्यक्ष थे तब रामदुलार चौधरी जिला उपाध्यक्ष थे. मामले की जानकारी देते हुए रामदुलार चौधरी बताते है कि 22 अप्रैल 2008 को लालडिग्गी इलाके में उनके भतीजे शशि चौधरी की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. इस हत्या के मामले में श्याम सिंह यादव और उनके भाई अभियुक्त हैं. इसका मुकदमा अभी भी अदालत में चल रहा है, जिसकी सुनवाई अगले महीने है.
पार्टी के संस्कार और निर्णय पर चर्चा
रामदुलार चौधरी का कहना है कि वो बीजेपी के गठन के समय से ही पार्टी से जुड़े हुए हैं. उन्होंने कहा कि पार्टी को ऐसे लोगों को पदाधिकारी बनाने से पहले विचार करना चाहिए. ऐसे मामलों से जनता में गलत संदेश जाता है. हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि वो पार्टी के साथ हैं और इसकी कोई औपचारिक शिकायत नहीं करेंगे.लेकिन उन्होंने इस बात का दुख है कि हत्या के आरोपी को संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है.
जिलाध्यक्ष ने आरोपों को बताया विरोधियों की साजिश
वहीं दूसरी तरफ इस विवाद पर मिर्जापुर बीजेपी के जिलाध्यक्ष लाल बहादुर सरोज का बयान भी सामने आया है. उन्होंने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे विरोधियों की साजिश करार दिया है. जिलाध्यक्ष का कहना है कि श्याम सिंह यादव पिछले 8-10 सालों से पार्टी में सक्रिय कार्यकर्ता और पदाधिकारी के रूप में काम कर रहे हैं. उनके मुताबिक श्याम सिंह पर लगे आरोप अभी तक सिद्ध नहीं हुए हैं और किसी पर भी झूठा आरोप लगाया जा सकता है. उन्होंने साफ किया कि उनके संज्ञान में ऐसा कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है.
आरोपी पदाधिकारी ने साधी मामले पर चुप्पी
इस पूरे प्रकरण में जब जिला मंत्री बनाए गए श्याम सिंह यादव से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उन्होंने कुछ भी बोलने से परहेज किया. फिलहाल अब ये मामले जिले में चार्चा में बना हुआ है.
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