गाजीपुर जिले के मोहम्मदार बाद तहसील में डॉ. एमए अंसारी रोड पर स्थित 18 कुर्क दुकानें कोर्ट के आदेश से खोल दी गई हैं. ये दुकानें गैंगेस्टर एक्ट में कुर्क हुई थीं. कोर्ट के आदेश पर बुधवार को इन दुकानों को खोला गया. ये दुकानें मुख्तार अंसारी के चचेरे भाई मंसूर अंसारी की हैं. कोर्ट में दस्तावेज पेश करने के बाद उन्हें अदालत ने बड़ी राहत दी है. मंसूर अंसारी ने इसे न्याय की जीत बताई है.
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बुधवार को तहसीलदार मोहम्मदाबाद और कोतवाली प्रभारी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे. दाखिलानामा के कागजात सौंपकर ताले खोले दिए गए. दुकान के ताले खुलते ही किराएदार दुकानदारों के चेहरे पर रौनक लौटी. मंसूर अंसारी ने कहा - "न्यायपालिका पर भरोसा था, ये सत्य और न्याय की जीत है." ध्यान देने वाली बात है कि ये दुकानें डॉक्टर अंसारी रोड स्थित अफजाल अंसारी कटरा का है. इस कटरे में मौजूद 18 दुकानों को पुलिस-प्रशासन ने 26 मार्च 2023 को गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्की की कार्रवाई करते हुए सील कर दिया था. प्रशासन का आरोप था कि ये संपत्तियां अपराध से अर्जित धन से बनाई गई हैं और इसका संबंध मंसूर अंसारी पुत्र खुर्शेदुल हक अंसारी से है, जो मुख्तार अंसारी के चचेरे भाई हैं.
कुर्की के बाद से मंसूर अंसारी लगातार न्यायालय में अपनी संपत्ति को वैध बताते हुए लड़ाई लड़ रहे थे. उन्होंने कोर्ट में दस्तावेज पेश किए. अंततः कोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला सुनाते हुए कुर्की को निरस्त कर दुकानें वापस सौंपने का आदेश दिया. जैसे ही दुकानों के शटर उठे, वहां किराए पर व्यवसाय करने वाले दुकानदारों में खुशी की लहर दौड़ गई. तीन साल से उनका व्यवसाय बंद था.
वहीं मंसूर अंसारी ने मीडिया से बातचीत में कहा, हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था. आज सत्य की जीत हुई है. यह न्याय की जीत है. कोर्ट ने दूध का दूध पानी का पानी कर दिया.
गौरतलब है कि मुख्तार अंसारी की मौत के बाद से उनके परिवार की संपत्तियों पर हुई कुर्की के कई मामलों में कोर्ट से राहत मिलने लगी है. यह मामला भी उसी कड़ी में देखा जा रहा है.
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