Uttar Pradesh politics: देश की राजनीति में उत्तर प्रदेश के लिए कहा जाता है कि प्रधानमंत्री बनने का रास्ता यहीं से होकर गुजरता है. यही वजह है कि यह राज्य सभी राजनीतिक दलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. 2024 के लोकसभा चुनाव में, सपा और कांग्रेस (इंडिया गठबंधन) ने मिलकर यूपी में सबसे ज्यादा 43 सीटें जीती थीं, जबकि NDA गठबंधन को 36 सीटें मिली थीं. ऐसे में चलिए जानते है कि अगर आज देश में लोकसभा चुनाव हुए तो प्रदेश में किस पार्टी को कितनी सीटें मिल सकती है.
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ताजा आंकड़े क्या कहते हैं?
इंडिया टुडे और C वोटर के 'मूड ऑफ द नेशन' (MOTN) के ताजा सर्वे में के अनुसार अगर आज देश में लोकसभा चुनाव होते हैं तो उत्तर प्रदेश में भाजपा को 38 सीटें मिल सकती हैं. इस दौरान उसका वोट शेयर 47% रहने का अनुमान है. वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस और गठबंधन काे 42 सीटें मिल सकती हैं. इसमें से सपा को 35 और कांग्रेस को 7 सीटें हासिल हो सकती हैं. इस गठबंधन का अनुमानित वोट शेयर 42% है.
फरवरी से कितना बदला सियासी गणित?
अगर इन आंकड़ों की तुलना फरवरी 2025 में हुए सर्वे से करें तो यहां सियासी समीकरण बदले हुए नजर आते हैं. इस दौरान सर्वे में फरवरी में जहां भाजपा+ को 48% वोट शेयर और 40 सीटें मिलने की संभावना थी तो वहीं कांग्रेस+ गठबंधन को 40 सीटें हासिल हाेने का अनुमान था. इस दौरान कांग्रेस का वोट शेयर 42% रहने की बात कही गई थी. वहीं, इन आंकड़ों में सपा को 35 और कांग्रेस को 5 सीटें मिलने की संभावना जताई गई थी.
बीजेपी के लिए खतरे की घंटी!
अगस्त और फरवरी के आंकड़ों की तुलना से यह साफ हो गया है कि बीजेपी को 2 सीटों का सीधा नुकसान हुआ है, जबकि विपक्ष के कांग्रेस+ गठबंधन ने 2 सीटों का फायदा हुआ है. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ये पूरा फायदा अकेले कांग्रेस को मिला है. कांग्रेस की सीटें 5 से बढ़कर 7 हो गई हैं. वहीं, सपा 35 सीटों पर ही स्थिर रही. ये आंकड़े बताते हैं कि देश के सबसे बड़े राज्य में अब भाजपा और विपक्ष के बीच सीटों का अंतर लगातार कम होता जा रहा है.
इंडिया टुडे और सी वोटर ने मूड ऑफ द नेशन (MOTN) सर्वे को 1 जुलाई से 14 अगस्त 2025 के बीच किया था. इस दौरान सर्वे में देश की सभी लोकसभा सीटों पर कुल 2,06,826 लोगों से बात की गई थी. सर्वे में मोटे तौर पर 3% और बारीक स्तर पर 5% का मार्जिन एरर हो सकता है. इन व्यापक आंकड़ों और वैज्ञानिक पद्धति के कारण ही इस सर्वे को बेहद विश्वसनीय माना जाता है, जो देश के राजनीतिक मिजाज की एक साफ तस्वीर पेश करता है.
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