उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले से एक रसूखदार नेता के बेटे की गुंडागर्दी का मामला सामने आया है. यहां पूर्व कैबिनेट मंत्री सुधीर बालियान के बेटे ने शराब के नशे में सड़क पर मां-बेटी के साथ अभद्रता की. हालांकि पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार तो किया, लेकिन जिस तरह से उन्हें रिहाई मिली, उसने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
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क्या है पूरा मामला?
घटना मुजफ्फरनगर के नई मंडी कोतवाली क्षेत्र की है. रात करीब 10:00 बजे एक महिला अपनी बेटी के साथ खाना खाने के बाद घर के बाहर टहल रही थी. इसी दौरान स्कूटी पर सवार होकर दो युवक आए, जिनमें से एक की पहचान पूर्व मंत्री सुधीर बालियान के बेटे आर्यमान रघुवंशी और दूसरे की सूर्य गुप्ता के रूप में हुई.
आरोप है कि शराब के नशे में धुत इन युवकों ने मां-बेटी पर फब्तियां कसीं और गाली-गलौज करते हुए बदतमीजी की. जब महिला ने विरोध किया, तो आरोपियों ने धमकाना शुरू कर दिया. इस दौरान पीड़ित महिला ने अपने मोबाइल से आरोपियों का वीडियो भी बनाया, जिसमें आरोपी बेखौफ अंदाज में पुलिस बुलाने की चुनौती देते नजर आ रहे हैं.
'भाई का रसूख है, कुछ नहीं बिगाड़ पाओगे'
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि आरोपी युवक नशे में धुत होकर कह रहे हैं कि "तुम्हारे फोन से पुलिस देर से आएगी, मेरे फोन से जल्दी आएगी." शोर शराबा होने पर जब परिजन बाहर आए, तो आरोपी उनके साथ मारपीट कर मौके से फरार हो गए.
पुलिस का 'इंसाफ': चंद घंटों में मिली रिहाई
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और वीडियो के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. सलाखों के पीछे दोनों युवक हाथ जोड़कर खड़े नजर आए. हालांकि, पुलिस ने इस गंभीर मामले को महज 'शांति भंग' (धारा 151) की मामूली धाराओं में दर्ज किया. नतीजा यह हुआ कि गिरफ्तारी के चंद घंटों के भीतर ही रसूखदार बाप के बेटे को जमानत मिल गई और वह रिहा हो गया.
कानून और रसूख पर चर्चा तेज
पीड़ित बेटी ने बताया कि आरोपी इतनी गंदी गालियां दे रहे थे कि उन्हें दोहराना भी मुश्किल है. स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया पर इस बात को लेकर काफी नाराजगी है कि अगर कोई आम अपराधी ऐसी हरकत करता, तो शायद उस पर कड़ी कार्रवाई होती, लेकिन 'नेताजी' के बेटे होने के नाते उन्हें 'वीआईपी ट्रीटमेंट' मिला.
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