देश में इस समय NEET और UGC-NET जैसी बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर भारी घमासान और जांच का दौर चल रहा है. इसी बीच उत्तर प्रदेश के बागपत जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है. बागपत पुलिस और प्रशासन ने संयुक्त रूप से एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर छापेमारी की, जहां से कुल 6 'मुन्ना भाइयों' (दूसरों के स्थान पर परीक्षा दे रहे फर्जी छात्रों) को गिरफ्तार किया गया है. यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब पूरे देश में परीक्षाओं की शुचिता को लेकर सवाल उठ रहे हैं. बागपत पुलिस की इस कामयाबी को उत्तर प्रदेश में सॉल्वर गैंग के खिलाफ एक बड़े प्रहार के रूप में देखा जा रहा है.
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प्रशासनिक मुस्तैदी से पकड़े गए फर्जी परीक्षार्थी
जानकारी के अनुसार, बागपत जिले में आयोजित हो रही परीक्षाओं के दौरान जिला प्रशासन और पुलिस बल पूरी तरह से अलर्ट मोड पर था. परीक्षा केंद्रों पर सघन चेकिंग और बायोमेट्रिक व दस्तावेजों के मिलान के दौरान अधिकारियों को कुछ परीक्षार्थियों पर शक हुआ. जब संदिग्ध छात्रों के दस्तावेजों की कड़ाई से जांच की गई, तो बड़ा खुलासा हुआ. पुलिस ने बताया कि पकड़े गए ये 6 आरोपी असली अभ्यर्थियों की जगह मोटी रकम लेकर परीक्षा देने पहुंचे थे. इनके पास से फर्जी दस्तावेज, जाली प्रवेश पत्र (Admit Cards) और अन्य संदिग्ध सामग्रियां भी बरामद की गई हैं.
पुलिस कर रही है सॉल्वर गैंग के नेटवर्क की जांच
इस बड़ी कार्रवाई को लेकर बागपत के पुलिस अधीक्षक (SP) ने बताया कि गिरफ्तार किए गए सभी 6 आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. पुलिस अब इन 'मुन्ना भाइयों' से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि इस पूरे सॉल्वर गैंग के मास्टरमाइंड तक पहुंचा जा सके.
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इन फर्जी छात्रों को परीक्षा में बैठाने के लिए कितने रुपये का सौदा हुआ था? इस गिरोह के तार उत्तर प्रदेश के किन-किन जिलों या बाहरी राज्यों से जुड़े हैं? क्या इससे पहले भी इन आरोपियों ने किसी अन्य बड़ी परीक्षा में सेंध लगाई है?
परीक्षाओं को लेकर यूपी सरकार सख्त
आपको बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली उत्तर प्रदेश सरकार ने पहले ही साफ कर दिया है कि परीक्षाओं में किसी भी तरह की धांधली या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. पेपर लीक और सॉल्वर गैंग के खिलाफ सख्त कानून के तहत कार्रवाई की जा रही है. बागपत में हुई यह गिरफ्तारी इसी कड़ी का हिस्सा है, जिसने एक बार फिर साबित किया है कि प्रशासन मुस्तैद है, लेकिन सॉल्वर गैंग अभी भी सक्रिय हैं.
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