609 से 540 और फिर सीधे 167...NEET Re-Exam की गड़बड़ी लेकर जंतर मंतर पहुंची फौजी की बेटी आर्या

NEET Re-Exam: कानपुर की एक छात्रा आर्या सिंह और उनके फौजी पिता के बारे में है जो नीट (NEET) परीक्षा परिणाम में भारी विसंगतियों के खिलाफ जंतर-मंतर पर न्याय की गुहार लगा रहे हैं.

कानपुर की छात्रा आर्या सिंह
कानपुर की छात्रा आर्या सिंह
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नीट (NEET) परीक्षा को लेकर मचे घमासान के बीच एक और हैरान करने वाला मामला सामने आया है. परीक्षा में कथित गड़बड़ी और धांधली के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच कानपुर से एक भूतपूर्व सैनिक अपनी बेटी आर्या सिंह को लेकर न्याय की गुहार लगाने पहुंचे हैं.

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छात्र आर्या सिंह और उनके पिता राकेश कुमार सिंह का आरोप है कि एनटीए (NTA) ने उनके रिजल्ट के साथ भारी खिलवाड़ किया है. आंसर-की के मिलान में जहां उनके 609 नंबर आ रहे थे वहीं रिजल्ट जारी होने पर पहले 540 नंबर दिखे और कुछ ही घंटों बाद वह घटकर महज 167 रह गए.

ओएमआर शीट में गड़बड़ी का दावा

जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' के प्रोटेस्ट में शामिल होने पहुंचीं आर्या सिंह ने मीडिया के सामने अपने दस्तावेजों को पेश करते हुए एनटीए की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए. आर्या का कहना है कि 13 जुलाई को जब ऑफिशियल पोर्टल पर उनकी री-एग्जाम (NEET Re-Exam) की ओएमआर शीट (OMR Sheet) जारी की गई तो उसमें कई तकनीकी खामियां थीं. सीरियल नंबर में '77' दो बार छपा हुआ था जबकि 75 और 76 के बाद 77 का मुख्य क्रम गायब था और सीधे 78 आ रहा था. इसके अलावा 85 नंबर भी दो बार अंकित था.

इतना ही नहीं ओएमआर शीट पर इनविजिलेटर (परीक्षा निरीक्षक) के हस्ताक्षर का समय दोपहर 1:30 बजे दर्ज था. जबकि नियमानुसार छात्रों को ओएमआर शीट दोपहर 1:45 बजे दी जाती है. इस इनकसिस्टेंसी को लेकर जब आर्या ने एनटीए के चैलेंज पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई तो उनके पोर्टल पर एक दूसरी ओएमआर शीट अपलोड कर दी गई, जिसमें सीरियल नंबर और इनविजिलेटर के हस्ताक्षर का समय (1:30 से बदलकर 2:00 बजे) भी बदल दिया गया था.

एक ही छात्र के दो अलग-अलग रिजल्ट!

आर्या के पिता और पूर्व सैनिक राकेश कुमार सिंह ने बताया कि जब 16 जुलाई की रात 11:38 बजे नीट का रिजल्ट घोषित हुआ, तो पहली तीन बार चेक करने पर आर्या का स्कोर 540 अंक दिखा रहा था. चूंकि आंसर-की से मिलान करने पर आर्या के 609 नंबर बन रहे थे, इसलिए वे संतुष्टि के लिए बार-बार रिजल्ट चेक कर रहे थे. लेकिन 17 जुलाई की भोर में करीब 2:34 बजे जब उन्होंने चौथी बार पोर्टल खोला, तो स्कोर घटकर 167 अंक हो गया. पीड़ित परिवार का सवाल है कि एक ही छात्र के एक ही परीक्षा में दो अलग-अलग रिजल्ट कैसे जारी हो सकते हैं?

शिक्षा मंत्री और NTA को मेल, नहीं मिला कोई जवाब

आर्या ने बताया कि इस गंभीर गड़बड़ी को लेकर उन्होंने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और देश के शिक्षा मंत्री दोनों को विस्तृत दस्तावेजों के साथ मेल भेजा है, लेकिन अभी तक उन्हें कोई आधिकारिक जवाब नहीं मिला है. आर्या का कहना है कि जब स्थानीय अखबारों (जैसे अमर उजाला और दैनिक जागरण) में यह खबर छपी, तो एनटीए ने मीडिया को बयान जारी कर इन दावों को फर्जी (Fake) बता दिया, लेकिन छात्र को व्यक्तिगत रूप से कोई स्पष्टीकरण या 167 नंबर वाली ओएमआर शीट उपलब्ध नहीं कराई गई.

अगर दो दिन में जवाब नहीं मिला, तो जाएंगे कोर्ट

देश की सुरक्षा में अपना जीवन लगाने वाले पूर्व सैनिक राकेश कुमार सिंह ने भावुक होते हुए कहा, "यह सिस्टम की बहुत बड़ी गड़बड़ी है. एक पूर्व सैनिक होने के नाते मैं अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए कानपुर से यहां जंतर-मंतर आया हूं. अगर अगले दो दिनों के भीतर एनटीए या शिक्षा मंत्रालय से हमें कोई संतोषजनक जवाब या मेल नहीं मिलता है, तो हम न्याय के लिए देश की अदालत (कोर्ट) का दरवाजा खटखटाएंगे."

वहीं आर्या ने अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि दो साल की कड़ी मेहनत के बाद अगर छात्रों के साथ ऐसा व्यवहार होगा, तो युवाओं का पढ़ाई से भरोसा उठ जाएगा. फिलहाल यह पीड़ित परिवार दिल्ली में डटा हुआ है और सरकार से पारदर्शी जांच की मांग कर रहा है.