नोएडा: इंजीनियर युवराज मेहता केस के दो नए वीडियो आए सामने, चश्मदीद ने बताया मौके का लाइव आखों देखा हाल

Yuvraj Mehta Noida Case: नोएडा के सेक्टर-150 में इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के मामले में अब दो नए वीडियो सामने आए हैं. वीडियो में एक चश्मदीद घटनास्थल का हाल बता रहा है. इसके साथ ही मौके पर मौजूद रेस्क्यू टीम की बातचीत भी सुनाई दे रही है. वहीं मामले की जांच कर रही SIT आज अपनी जांच रिपोर्ट सीएम योगी को सौंप सकती है.

Noida Yuvraj Mehta death case
Noida Yuvraj Mehta death case

अरविंद ओझा

follow google news

Noida Engineer Death case: उत्तर प्रदेश के नोएडा के सेक्टर-150 में इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के बाद अब घटनास्थल के दो नए वीडियो सामने आए हैं. ये वीडियो उस वक्त के बताए जा रहे हैं जब युवराज जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे थे और मदद के लिए पुकार रहे थे. वीडियो बनाने वाला व्यक्ति प्रशासन और पुलिस पर भड़कता हुआ दिख रहा है. वीडियो में शख्स कह रहा है कि वो रात 12 बजे से मौके पर मौजूद है और यहां पर सिस्टम सिर्फ फॉर्मेलिटी पूरी कर रहा है. इस दौरान वीडियो में घटनास्थल पर कोहरा छाया हुआ है. वीडियों में बचाव टीम की बातचीत भी सुनाई दे रही है. वहीं, इस मामले में गठित SIT ने अपनी जांच पूरी कर ली है. माना जा रहा है कि आज यानी शनिवार को ये रिपोर्ट सीएम योगी को सौंपी जा सकती है. इसके बाद कई अफसरों पर गाज गिर सकती है.

Read more!

वीडियो में चश्मदीद ने बताया आंखों देखा हाल

वायरल वीडियो में एक शख्स  दावा कर रहा है कि वो रात करीब 11:45 बजे गाड़ी पानी से भरे गहरे गड्ढे में गिरी थी. वो कहता है कि सामने पानी में डूबा लड़का (युवराज) काफी समय तक पानी के ऊपर टॉर्च जलाकर गड़ी पर खड़े होकर मदद मांगता रहा. लेकिन उसे कोई नहीं  बचा पाया. इस दौरान वीडियो में एम्बुलेंस, पुलिस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तो खड़ी दिख रही हैं.

वीडियो में चश्मदीद का कह रहा है कि उसकी आंखों के सामने एक हंसती खेलती जिंदगी दलदल में समा गई और प्रशासन सिर्फ फॉर्मेलिटी करता रहा. वीडियो में एक फायर ब्रिगेड कर्मचारी तालाब में उतरने की कोशिश करते देखा जा सकता है. उसे पीछे से टॉर्च दिखाया जा रहा है और उसे रस्सी बांधने की सलाह दी जा रही है. वीडियो में कई लोग कह रहे है कि ये गड्ढा बहुत गहरा है. इसके साथ रेस्कू टीम की बातचीत को भी वीडियो में सुना जा सकता है.

यह पढ़ें: कौन थे 27 साल के इंजीनियर युवराज मेहता? पिता के सामने 2 घंटे तड़पकर तोड़ा दम, सिस्टम की लापरवाही ने ली जान

 

SIT की जांच पूरी, कार्रवाई की तैयारी

इस बीच, युवराज मेहता की मौत की जांच के लिए गठित SIT की टीम ने अपनी जांच लगभग पूरी कर ली है. शुक्रवार देर रात तक टीम नोएडा अथॉरिटी के दफ्तर में डटी रही और सीएफओ, एसीपी, सीएमओ और एसडीआरएफ के जवानों के बयान दर्ज किए. सूत्रों के मुताबिक एसआईटी ने ये जानने की कोशिश की है कि आखिर 90 मिनट तक मदद मांगने के बावजूद युवराज को क्यों नहीं बचाया गया. शनिवार को ये रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपी जा सकती है, जिसके बाद नोएडा अथॉरिटी के लापरवाह अफसरों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है.

युवराज के साथ क्या हुआ था?

दरअसल, बीते 16-17 जनवरी की रात नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज गुरुग्राम से घर लौट रहे थे. घने कोहरे में सेक्टर-150 के खतरनाक मोड़ पर उनकी कार एक गहरे पानी से भरे गड्ढे में गिर गई. यह गड्ढा निर्माणाधीन साइट के पास बिना बैरिकेडिंग के खुला पड़ा था. युवराज किसी तरह कार से बाहर निकलकर उसकी छत पर चढ़ गए और पिता को फोन कर मदद मांगी. इस दौरान पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची. लेकिन करीब 80 मिनट तक सामने चीखने के बावजूद युवराज को बचाया नहीं जा सका. आखिरकार कार समेत वो गहरे दलदल में समा गए और उनकी मौत हो गई.

यह भी पढ़ें: मैं यहीं हूं पापा, मुझे बाहर निकलवा दो... ग्रेटर नोएडा के युवराज के हादसे के दिन क्या हुआ था, पिता ने बताई पूरी कहानी

    follow google news