नोएडा: इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के बाद उनके पिता ने सरकार और सिस्टम के बारे में क्या-क्या बोला?

नोएडा सेक्टर-150 में इंजीनियर युवराज की मौत के बाद उनके पिता ने प्रशासन पर रेस्क्यू में देरी का आरोप लगाया है. पिता के अनुसार, युवराज 2 घंटे तक गड्ढे में संघर्ष करता रहा, लेकिन सिस्टम की सुस्ती ने उसकी जान ले ली.

yuvraj mehta death
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न्यूज तक डेस्क

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ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है. हादसे में अपनी जान गंवाने वाले युवा इंजीनियर युवराज मेहता की शोक सभा में उनके पिता पहली बार मीडिया के सामने आए. भरी आंखों और रुंधे गले से पिता ने उस रात की पूरी दास्तां सुनाई.

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कायर नहीं, साहसी था युवराज

युवराज के पिता ने बताया कि उनका बेटा बहुत साहसी था. जब उसकी कार पानी से भरे गड्ढे में गिरी, तो वह डरा नहीं. युवराज करीब 2 घंटे तक वहां अपनी जान बचाने के लिए लड़ता रहा. वह बार-बार कोशिश करता रहा कि कोई उसे बाहर निकाल ले. पिता का आरोप है कि अगर प्रशासन थोड़ी फुर्ती दिखाता तो उनका बेटा आज उनके पास होता.

वायरल वीडियो ने खोली पोल

सोशल मीडिया पर इस घटना के दो नए वीडियो वायरल हो रहे हैं. वीडियो बनाने वाले चश्मदीद का दावा है कि हादसा रात करीब 11:45 बजे हुआ था. मौके पर पुलिस, फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस तो पहुंचीं लेकिन आरोप है कि सब सिर्फ 'फॉर्मेलिटी' पूरी कर रहे थे. चश्मदीद के मुताबिक, अगर वक्त रहते सही कोशिश की जाती, तो युवराज आज हमारे बीच होता.

दोषियों पर कार्रवाई की मांग

इंसाफ की मांग युवराज के पिता ने मीडिया और सरकार का शुक्रिया किया कि उन्होंने उनकी आवाज सुनी. उन्होंने कहा, "मेरा बेटा तो अब लौटकर नहीं आएगा, लेकिन मैं चाहता हूं कि भविष्य में किसी और का बेटा इस तरह की लापरवाही की भेंट न चढ़े." उन्होंने जांबाज युवक मुनींद्र की भी तारीफ की, जिसने युवराज को बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर नाले में छलांग लगा दी थी.

अब हर किसी को SIT की रिपोर्ट का इंतजार है. सवाल यही है कि इस मौत का जिम्मेदार कौन है, वो खुला गड्ढा, बिल्डर की लापरवाही या फिर देर से जागा प्रशासन?

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