Worker Protest: तमिलनाडु से पकड़ा गया नोएडा वर्कर्स प्रोटेस्ट का मास्टरमाइंड आदित्य आनंद, STF ने ऐसे दबोचा

नोएडा श्रमिक हिंसा के मास्टरमाइंड और एक लाख रुपये के इनामी आरोपी आदित्य आनंद को यूपी एसटीएफ ने तमिलनाडु से गिरफ्तार कर लिया है. एनआईटी जमशेदपुर से शिक्षित इस इंजीनियर पर व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए श्रमिकों को भड़काने और उग्र हिंसा फैलाने का आरोप है.

नौएडा प्रोटेस्ट
नौएडा प्रोटेस्ट

अरविंद ओझा

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दिल्ली से सटे नोएडा में पिछले दिनों हुए श्रमिकों के उग्र प्रदर्शन और हिंसा के मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस और एसटीएफ (STF) को बड़ी कामयाबी मिली है. पुलिस ने हिंसा के मुख्य साजिशकर्ता और मास्टरमाइंड आदित्य आनंद को तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी पर नोएडा पुलिस कमिश्नर ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था.

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कौन है आदित्य आनंद?

आदित्य आनंद एक हाईली एजुकेटेड इंजीनियर है. उसने एनआईटी (NIT) जमशेदपुर से बीटेक की पढ़ाई की है. हालांकि, पुलिस जांच में उसके तार एक 'अल्ट्रा लेफ्ट' यानी उग्र वामपंथी संगठन से जुड़े होने की बात सामने आई है. पुलिस के मुताबिक, आदित्य आनंद ही वह शख्स था जिसने शांतिपूर्ण तरीके से चल रहे प्रदर्शन को हिंसक मोड़ देने की पूरी साजिश रची थी.

WhatsApp ग्रुप और क्यूआर कोड का 'खेल'

जांच में खुलासा हुआ है कि आदित्य आनंद नोएडा में हुए प्रोटेस्ट के दौरान लगातार मौके पर मौजूद था. उसने बड़ी चालाकी से क्यूआर कोड (QR Code) के जरिए कई व्हाट्सएप ग्रुप बनाए थे, जिनमें हजारों प्रदर्शनकारियों को जोड़ा गया. इन ग्रुप्स के जरिए वह लगातार भड़काऊ संदेश और भाषण फैलाता था, जिससे श्रमिक उग्र हो गए. 13 अप्रैल को यह प्रदर्शन सबसे अधिक हिंसक हुआ था, जिसमें आगजनी, पत्थरबाजी और तोड़फोड़ की घटनाएं हुई थीं.

तमिलनाडु में छिपा था आरोपी

वारदात के बाद से ही आदित्य आनंद पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था. वह अपनी पहचान छिपाकर अलग-अलग राज्यों में ठिकाने बदल रहा था. गौतम बुद्ध नगर न्यायालय ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) भी जारी किया था. आखिरकार, तकनीकी सर्विलांस और खुफिया जानकारी की मदद से एसटीएफ की नोएडा यूनिट ने उसे तमिलनाडु से पकड़ने में सफलता हासिल की.

अन्य संदिग्धों पर भी शिकंजा

आदित्य आनंद की गिरफ्तारी के बाद यूपी एसटीएफ की कार्रवाई अभी रुकी नहीं है. पुलिस और एसटीएफ की टीमें दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु के विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं. कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है ताकि हिंसा के पीछे के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके.

क्या था पूरा मामला?

बता दें कि नोएडा में फैक्ट्री और कंपनियों के कर्मचारी न्यूनतम वेतन बढ़ोतरी, काम की बेहतर स्थितियों और श्रमिक अधिकारों की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे. प्रदर्शन के हिंसक होने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने न्यूनतम वेतन में लगभग 21% की अंतरिम बढ़ोतरी की घोषणा कर दी थी. फिलहाल नोएडा में स्थिति शांत है और भारी पुलिस बल तैनात है.


 

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