Pathardeva Vidhan Sabha 2027: क्या पथरदेवा में फिर दिखेगी शाही बनाम त्रिपाठी की सियासी जंग? जानिए क्या है समीकरण

रजत सिंह

• 10:33 AM • 19 Oct 2026

Pathardeva Vidhan Sabha 2027: उत्तर प्रदेश की 2027 के विधानसभा चुनावों के मद्देनजर पथरदेवा सीट पर एक बार फिर सूर्य प्रताप शाही और ब्रह्मा शंकर त्रिपाठी के बीच कड़े सियासी मुकाबले के आसार हैं.

 Pathardeva Vidhan Sabha 2027
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उत्तर प्रदेश की राजनीति में साल 2027 के विधानसभा चुनावों की सुगबुगाहट अभी से तेज हो गई है. राज्य की हॉट सीटों में शुमार पथरदेवा विधानसभा सीट पर एक बार फिर सियासी पारा चढ़ने लगा है. यहां की राजनीति हमेशा से दो दिग्गज चेहरों- बीजेपी के वरिष्ठ नेता व कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही और समाजवादी पार्टी के दिग्गज ब्रह्मा शंकर त्रिपाठी के इर्द-गिर्द घूमती रही है.

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शाही बनाम त्रिपाठी: दशकों पुरानी अदावत और बराबरी का मुकाबला

पथरदेवा विधानसभा क्षेत्र में दशकों पुरानी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता देखने को मिलती है. सूर्य प्रताप शाही और ब्रह्मा शंकर त्रिपाठी अब तक आठ बार आमने-सामने आ चुके हैं, और दिलचस्प बात यह है कि दोनों के बीच जीत-हार का हिसाब लगभग बराबर रहा है. जब यह क्षेत्र पथरदेवा विधानसभा नहीं हुआ करता था, तब से दोनों नेता एक-दूसरे को कड़ी टक्कर देते आए हैं.

2017 की मोदी लहर के बाद सूर्य प्रताप शाही की जीत का अंतर काफी बढ़ गया, वहीं ब्रह्मा शंकर त्रिपाठी बीच के कुछ वर्षों में विधानसभा से बाहर भी रहे. लेकिन इस बार का चुनाव इतिहास रचने और समीकरणों को पलटने वाला हो सकता है.

बीजेपी में टिकट के दावेदार: पहली या दूसरी पीढ़ी?

वर्तमान विधायक और योगी सरकार में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही के राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चाएं गर्म हैं. उम्र के इस पड़ाव पर उनके चुनाव लड़ने या न लड़ने को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं. यदि वे चुनाव नहीं लड़ते हैं, तो उनके बेटे सुब्रत शाही की राजनीतिक एंट्री की चर्चा जोरों पर है.

इसके अलावा बीजेपी से टिकट के लिए कई अन्य नाम भी रेस में हैं:

  • नीरज वर्मा (जो स्वर्ण आभूषण के व्यवसायी हैं और पहले बसपा में रहे हैं)
  • जितेंद्र राव (भारतीय युवा मोर्चा के क्षेत्रीय अध्यक्ष)
  • संजय सिंह सैंथवार
  • सर्वेश्वर नाथ त्रिपाठी (भाजपा आईटी सेल से जुड़े)
  • अजय शाही

एनडीए गठबंधन का पेंच: इस सीट पर एनडीए गठबंधन के तहत सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के नेता भी दावा ठोक रहे हैं. सुभासपा के प्रदेश प्रवक्ता राघवेंद्र राम द्विवेदी का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है, जिससे सीट बंटवारे पर भी नजरें टिकी हैं.

समाजवादी पार्टी के समीकरण और संभावित चेहरे

सपा खेमे में भी टिकट के लिए दावेदारों की लंबी कतार है. पार्टी यहाँ से एक बार फिर ब्रह्मा शंकर त्रिपाठी पर दांव खेल सकती है, जो पहले सपा सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं. इसके अलावा पूर्व मंत्री शाकिर अली के बेटे परवेज आलम, डॉ. विवेक पटेल और राम प्रकाश यादव भी टिकट की दौड़ में शामिल हैं.

बसपा की रणनीति

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने भी अपनी जमीन मजबूत करनी शुरू कर दी है. बसपा ने रामशरण सिंह सैंथवार को क्षेत्र में प्रभारी बनाया है, और पार्टी आम तौर पर जिन्हें प्रभारी बनाती है, उन्हीं को उम्मीदवार घोषित करती है. ऐसे में बसपा का यह कदम भी मुकाबले को त्रिकोणीय बना सकता है.

क्यों दिलचस्प होगा 2027 का चुनाव?

पिछले 10 सालों से सूर्य प्रताप शाही लगातार विधायक हैं, जिसके चलते सत्ता विरोधी लहर का असर भी क्षेत्र में देखने को मिल सकता है. ऐसे में यदि ब्रह्मा शंकर त्रिपाठी मैदान में उतरते हैं और मुकाबला शाही परिवार (पिता या पुत्र) से होता है, तो पथरदेवा का यह मुकाबला बेहद रोमांचक और देखने लायक होगा.

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