53 बैंक खाते..5 करोड़ कैश! पीलीभीत के DIOS ऑफिस में करोड़पति चपरासी, सरकारी तिजोरी से उड़ाए करोड़ों, एक गलती से पकड़ा गया!

Pilibhit Fund Scam: पीलीभीत के DIOS कार्यालय में तैनात चपरासी इल्हाम शम्सी ने अधिकारियों के साथ मिलकर 5 करोड़ से अधिक का सरकारी धन हड़प लिया. उसने फर्जीवाड़े से अपनी पत्नी को शिक्षक दिखाकर वेतन भी निकाला.

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सौरभ कुमार

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Pilibhit Fund Scam Investigation: उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में शिक्षा विभाग के एक चपरासी ने भ्रष्टाचार की ऐसी पटकथा लिखी, जिसे सुनकर पुलिस और प्रशासन के भी होश उड़ गए हैं. जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) कार्यालय में तैनात चपरासी इल्हाम उर्र रहमान शम्सी पर करोड़ों रुपये के सरकारी धन के गबन का आरोप है. जांच में खुलासा हुआ है कि इस शातिर चपरासी ने न केवल सरकारी खजाने में सेंध लगाई, बल्कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अपनी पत्नी को टीचर बनाकर उसके खाते में सैलरी भी भिजवाता रहा.

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बैंक की सतर्कता से खुला राज

इस बड़े घोटाले का पर्दाफाश तब हुआ जब बैंक ऑफ बड़ौदा के मैनेजर ने जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह को संदिग्ध ट्रांजैक्शन की जानकारी दी. जांच में पता चला कि इल्हाम की पत्नी के खाते में सरकारी फंड से मोटी रकम ट्रांसफर की जा रही थी. जिलाधिकारी के सख्त रुख के बाद मौजूदा DIOS राजीव कुमार को फरवरी में चपरासी के खिलाफ FIR दर्ज करानी पड़ी.

53 बैंक खाते और 5 करोड़ की हेराफेरी

पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव ने बताया कि अब तक की जांच में 53 संदिग्ध बैंक खाते सामने आए हैं. इन खातों में मौजूद करीब 5 करोड़ 28 लाख रुपये की राशि को पुलिस ने फ्रीज करा दिया है. आरोपी इल्हाम ने 12 नवंबर 2024 से अब तक 98 बार ट्रांजैक्शन कर लगभग 1 करोड़ रुपये सीधे अपनी पत्नी के खाते में डाले थे. पुलिस को अंदेशा है कि जांच पूरी होने तक गबन का यह आंकड़ा और भी बढ़ सकता है.

अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल

हैरानी की बात यह है कि इल्हाम मूल रूप से बीसलपुर के एक कॉलेज में चपरासी था, लेकिन 2014 में नियमों को ताक पर रखकर उसे DIOS मुख्यालय में अटैच कर दिया गया. कंप्यूटर में माहिर इल्हाम अधिकारियों का इतना करीबी बन गया कि उसे कार्यालय में बाबू की तरह अलग केबिन दे दिया गया. इस घोटाले की आंच अब 2018 से तैनात रहे पूर्व जिला विद्यालय निरीक्षकों और कोषागार विभाग के अधिकारियों तक भी पहुंच रही है, क्योंकि बिना उच्च अधिकारियों की मिलीभगत के इतना बड़ा गबन मुमकिन नहीं था.

तीन पत्नियां और बेहिसाब संपत्ति

सूत्रों के मुताबिक इल्हाम की तीन पत्नियां हैं. उसने गबन के पैसे से कई प्रॉपर्टी खरीदी और बिल्डरों के साथ भी निवेश किया है. पुलिस ने उसकी एक पत्नी अर्शी खातून को पहले ही जेल भेज दिया है. आरोपी इल्हाम शम्सी अंतरिम जमानत पर बाहर था, अब कोर्ट की समय सीमा खत्म होने के बाद उसने सरेंडर कर दिया है. पुलिस अब उन सभी संपत्तियों और सफेदपोशों की कुंडली खंगाल रही है जो इस खेल में शामिल थे.

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