उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब बिजली विभाग के एक जूनियर इंजीनियर (JE) फिल्मी अंदाज में मोबाइल टावर पर चढ़ गए. सस्पेंशन की कार्रवाई से नाराज जेई अभय कुमार यादव ने शोले फिल्म के वीरू की तरह टावर पर चढ़कर अपना विरोध दर्ज कराया. इस घटना ने न केवल बिजली विभाग बल्कि पुलिस और प्रशासनिक अमले के भी हाथ-पांव फुला दिए. घंटों चले इस ड्रामे के बाद भारी मशक्कत के साथ उन्हें नीचे उतारा जा सका.
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सस्पेंशन की खबर मिलते ही बिगड़ा मामला
पूरा मामला प्रयागराज के गंगा पार डिवीजन के चिवैया फीडर से जुड़ा है. जानकारी के मुताबिक, जेई अभय कुमार यादव यहां तैनात हैं. बताया जा रहा है कि हाल ही में गंगा पार क्षेत्र में एक लाइनमैन ने किसी बाहरी व्यक्ति को बिजली के खंभे पर चढ़ा दिया था, जहां करंट लगने से उस व्यक्ति की मौत हो गई. इस लापरवाही को आधार मानते हुए सुपरिटेंडेंट इंजीनियर (SE) सौरभ गौतम ने जेई अभय कुमार को सस्पेंड कर दिया. जैसे ही सस्पेंशन का लेटर अभय यादव के पास पहुंचा, वह गुस्से में आगबबूला हो गए और अधिकारियों को खरी-खोटी सुनाने के बाद सीधे टेलीफोन टावर पर जा चढ़े.
टावर पर हाई वोल्टेज ड्रामा और प्रशासन की कोशिशें
जेई के टावर पर चढ़ने की खबर जंगल में आग की तरह फैली, जिसके बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई. बिजली विभाग के कर्मचारी, पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और उन्हें समझाने-बुझाने का दौर शुरू हुआ. टावर के ऊपर से ही अभय कुमार यादव ने हुंकार भरी कि जब तक उनका सस्पेंशन वापस नहीं लिया जाता, वे नीचे नहीं उतरेंगे. अनहोनी की आशंका को देखते हुए मौके पर फायर ब्रिगेड को भी बुला लिया गया. नीचे मौजूद बिजली विभाग के अन्य कर्मचारी भी जेई के समर्थन में उतर आए और चीफ इंजीनियर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.
कर्मचारियों ने लगाया प्रताड़ना का आरोप
इस पूरे हंगामे के बीच बिजली विभाग के कर्मचारियों ने अपने उच्चाधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. कर्मचारियों का कहना है कि अभय यादव रात-रात भर जागकर भीषण गर्मी में ब्रेकडाउन ठीक करवाते हैं. जिस हादसे के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया गया है वह लाइनमैन की व्यक्तिगत लापरवाही थी, जिसके बारे में जेई को जानकारी तक नहीं थी. कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि अधिकारी अपनी विफलताओं और मशीनों के खराब होने का ठीकरा छोटे कर्मचारियों पर फोड़ रहे हैं और उनके वेतन से पैसे काटकर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है.
देर रात समाप्त हुआ घंटों चला संकट
जेई अभय कुमार यादव को नीचे उतारने के लिए अधिकारियों ने काफी मिन्नतें कीं. एक समय ऐसा आया जब SE ने उन्हें भरोसा दिया कि सस्पेंशन वापस ले लिया जाएगा, लेकिन जेई लिखित आश्वासन या ठोस कार्रवाई पर अड़े रहे. आखिरकार, रात करीब 10 बजे एसीएम-4 और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में उन्हें समझा-बुझाकर सुरक्षित नीचे उतारा गया. तब जाकर प्रशासन और बिजली विभाग ने राहत की सांस ली. फिलहाल इस घटना की चर्चा पूरे प्रदेश में हो रही है और सोशल मीडिया पर विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर नई बहस छिड़ गई है.
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