उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरियों की परीक्षाओं में कथित धांधली, पेपर लीक और अनियमितताओं के खिलाफ प्रतियोगी छात्रों का गुस्सा एक बार फिर फुट पड़ा है. शिक्षा की नगरी कहे जाने वाले प्रयागराज में हजारों छात्र हाथों में तिरंगा और कैंडल लेकर सड़कों पर उतर आए. लेखपाल भर्ती परीक्षा, यूपीएसआई (दरोगा भर्ती) और एसएससी जीडी परीक्षाओं में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए छात्रों ने पूरे शहर में जोरदार प्रदर्शन किया. छात्रों के इस गुस्से को और ताकत देने के लिए मशहूर कोचिंग संस्थानों के शिक्षक भी उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर सड़क पर उतरे.
ADVERTISEMENT
सड़कों पर उतरा छात्रों का सैलाब, कड़ाके की हुंकार
प्रयागराज में छात्रों ने सुभाष चंद्र बोस पार्क की तरफ मार्च शुरू किया, लेकिन बड़ी संख्या में तैनात पुलिस बल ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया. इसके बाद हजारों छात्रों ने चंद्रशेखर आजाद पार्क के बाहर डेरा डाल दिया और मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया. आंदोलनकारी छात्रों का साफ कहना है कि यह किसी राजनीतिक दल का नहीं बल्कि वास्तविक प्रतियोगी छात्रों का आंदोलन है जो अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं.
बड़े-बड़े शिक्षक भी उतरे मैदान में
इस आंदोलन की सबसे खास बात यह रही कि छात्रों का हौसला बढ़ाने के लिए देश और प्रदेश के नामचीन शिक्षक भी सड़कों पर उतरे. एग्जामपुर के विवेक सर, सुपर क्लाइमेक्स एकेडमी के मारूफ सर, और एमडी कोचिंग के सत्यम सर जैसे दिग्गजों ने छात्रों के साथ मिलकर हुंकार भरी.
सुपर क्लाइमेक्स एकेडमी के मारूफ सर ने आंदोलन के दौरान कहा:
"यूपीएसआई परीक्षा में अजीब विसंगतियां हैं. एक ही शिफ्ट और एक ही तारीख को 132 सवाल सही करने वाले का सिलेक्शन हो गया, लेकिन 136 सवाल सही करने वाले का नहीं हुआ. भर्ती बोर्ड को नॉर्मलाइजेशन का आधार और सभी छात्रों का स्कोर कार्ड सार्वजनिक करना होगा. इसके अलावा लेखपाल परीक्षा में कई केंद्रों पर तय समय (10 से 12 बजे) के बाद भी ढाई बजे तक छात्रों को अंदर रोका गया, जो बड़े संदेह पैदा करता है."
एग्जामपुर के विवेक सर ने भी मांग रखी कि लेखपाल परीक्षा में धांधली और पेपर लीक के हजारों सबूत भर्ती बोर्ड को सौंपे गए हैं, इसलिए आयोग को स्पष्टीकरण देना चाहिए और गड़बड़ी पाए जाने पर री-एग्जाम (दोबारा परीक्षा) कराना चाहिए.
छात्रों की मुख्य मांगें क्या हैं?
सड़कों पर उतरे छात्रों ने सिस्टम के सामने अपनी मांगें स्पष्ट कर दी हैं:
- यूपीएसआई (दरोगा भर्ती): परीक्षा का विस्तृत स्कोर कार्ड और नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया तुरंत सार्वजनिक हो.
- लेखपाल भर्ती: धांधली और पेपर लीक के आरोपों के चलते परीक्षा को रद्द किया जाए और निष्पक्ष तरीके से दोबारा परीक्षा कराई जाए.
- एसएससी जीडी: परीक्षा केंद्रों पर क्षमता से अधिक बच्चों को बुलाने और परीक्षा के बाद अतिरिक्त समय तक रोकने की अनियमितताओं की जांच हो और पारदर्शिता लाई जाए.
- पारदर्शिता: हर भर्ती बोर्ड परीक्षा के बाद प्रत्येक अभ्यर्थी का स्कोर कार्ड जारी करे ताकि पता चल सके कि कौन कितने नंबरों से बाहर हुआ.
12 जून को 'लखनऊ चलो' का बड़ा ऐलान
शिक्षकों और छात्रों ने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि 10 जून तक उनकी जायज मांगों पर भर्ती बोर्ड और सरकार की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो 12 जून को उत्तर प्रदेश और देश भर के शिक्षक और छात्र लखनऊ के ईको गार्डन में इकट्ठा होंगे. छात्रों ने '12 जून, लखनऊ चलो' का बड़ा नारा बुलंद कर दिया है.
प्रशासन और आयोग का रुख
एक तरफ जहां सोशल मीडिया पर लखनऊ, देवरिया और मुजफ्फरनगर के सेंटर्स से परीक्षा खत्म होने के घंटों बाद छात्रों के बाहर निकलने के वीडियो वायरल हो रहे हैं और #LekhpalExamInvestigation ट्रेंड कर रहा है. वहीं दूसरी तरफ, भर्ती आयोग और प्रशासन ने किसी भी प्रकार की धांधली या पेपर लीक से साफ इनकार किया है. प्रशासन का कहना है कि वायरल वीडियो को लेकर स्थिति स्पष्ट की जा चुकी है और परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष हुई है. कुछ शिक्षकों पर सोशल मीडिया पर भ्रामक दावे करने के आरोप में एफआईआर भी दर्ज की गई है, जिससे छात्रों का आक्रोश और ज्यादा बढ़ गया है.
ADVERTISEMENT


