शिष्य रसिक दुलारी की मौत के बाद पहली बार आश्रम पहुंचे प्रेमानंद महाराज और फिर जो हुआ..

मदन गोपाल शर्मा

• 11:42 AM • 09 Oct 2026

शिष्य रसिक दुलारी शरण के निधन के बाद प्रेमानंद महाराज के पहली बार राधा केली कुंज आश्रम पहुंचने से उनके एकांतवास और आश्रम बंटवारे की अफवाहों पर विराम लग गया है.

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वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज को लेकर पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर चल रही तमाम अफवाहों और कयासों पर विराम लग गया है. अपने प्रिय शिष्य रसिक दुलारी शरण (दीपक लोधी) के अचानक हुए निधन के बाद पहली बार महाराज जी सुबह-सुबह अपने राधा केली कुंज आश्रम पहुंचे. महाराज जी को अपने बीच पाकर वहां मौजूद श्रद्धालुओं के चेहरे खिल उठे और आश्रम में भक्ति और उल्लास का माहौल लौट आया. 

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सोशल मीडिया पर क्या फैलाई जा रही थी अफवाहें?

बीते 25 सितंबर को प्रेमानंद महाराज के करीबी साधक रसिक दुलारी शरण का निधन हो गया था. इसके बाद से ही सोशल मीडिया पर तरह-तरह के दावे किए जाने लगे थे. कई पोस्ट में यह दावा किया गया कि शिष्य के निधन के बाद महाराज जी ने राधा केली कुंज आश्रम छोड़ दिया है और वे अब हमेशा के लिए एकांतवास में चले गए हैं. इतना ही नहीं, कुछ खबरों में दोनों आश्रमों के अलग होने और उनके बीच बंटवारे (विभाजन) तक की बातें कही जाने लगी थीं.

2 घंटे तक भक्तों के बीच रहे, दिए दर्शन

गुरुवार तड़के करीब 6:00 बजे जब प्रेमानंद महाराज खुद राधा केली कुंज आश्रम पहुंचे, तो इन तमाम फर्जी दावों की हवा निकल गई. देश-विदेश से तड़के से ही कतारों में खड़े श्रद्धालुओं के लिए यह पल बेहद भावुक और खास रहा. महाराज जी करीब 2 घंटे तक आश्रम में रुके और श्रद्धालुओं को दर्शन दिए. 

आश्रम की ओर से भी स्थिति हुई साफ

महाराज जी की आश्रम में उपस्थिति और प्रबंधन की ओर से जारी स्पष्टीकरण (प्रेस नोट) के बाद बंटवारे और अलगाव से जुड़ी सभी खबरों पर स्थिति पूरी तरह साफ हो गई है. आश्रम प्रशासन और श्रद्धालुओं ने अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है.

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