कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा मीडिया को लेकर दिए गए बयान के बाद अब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का बयान भी सामने आया है. अखिलेश यादव ने राहुल गांधी के बयान का बचाव करते हुए मीडिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि अगर मीडिया देश के सामने सच उजागर नहीं करेगा, तो फिर कोई न कोई इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल तो करेगा ही. उन्होंने स्पष्ट किया कि देश की जनता मीडिया से सच दिखाने की उम्मीद करती है, लेकिन जब सच छिपाया जाता है तो ऐसे सवाल उठना स्वाभाविक है.
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राहुल गांधी के बयान पर अखिलेश का रुख
अखिलेश यादव ने राहुल गांधी के मीडिया को 'चूहा' कहे जाने वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राहुल गांधी ने कुछ गलत नहीं कहा है. उन्होंने कहा कि हो सकता है यह बात मीडिया के सभी लोगों के लिए न हो, लेकिन कुछ लोगों पर यह पूरी तरह लागू होती है. सपा प्रमुख ने तंज कसते हुए कहा कि मीडिया को 'जिसका दाना, उसका गाना' गाने वाली परिपाटी से बाहर निकलना चाहिए. उन्होंने पत्रकारों को नसीहत दी कि मैनस्ट्रीम मीडिया को विज्ञापनों और फंड से ज्यादा देश की आम जनता के मुद्दों और उनकी समस्याओं की चिंता करनी चाहिए.
उत्तर प्रदेश सरकार के विज्ञापनों और 'पॉलिटिकल मेकअप' पर हमला
मीडिया की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दिए जाने वाले फंड और विज्ञापनों का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने दावा किया कि आंकड़ों के मुताबिक पॉलिटिकल मेकअप और विज्ञापनों के लिए यूपी सरकार भारी-भरकम पैसा खर्च कर रही है. उन्होंने कहा कि सुनने में आया है कि इस काम के लिए करीब ढाई करोड़ रुपये दिए जा रहे हैं. अखिलेश यादव ने सवाल किया कि क्या मीडिया केवल वही दिखाएगा जो सरकार कहेगी, या फिर जमीनी हकीकत और जनता के असल मुद्दों को भी सामने लाएगा.
मेनस्ट्रीम मीडिया बनाम मेन स्ट्रीट मीडिया
अखिलेश यादव ने बातचीत के दौरान मेनस्ट्रीम (मुख्यधारा) मीडिया की तुलना 'मेन स्ट्रीट' मीडिया यानी जमीनी पत्रकारों से की. उन्होंने कहा कि आज के दौर में मेनस्ट्रीम मीडिया से बेहतर काम वह पत्रकार कर रहे हैं जो सड़कों पर उतरकर जनता के बीच में हैं और उनके करीब रहकर रिपोर्टिंग कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि मुख्यधारा के मीडिया को सरकारी फंड की परवाह करने के बजाय जनता के विश्वास और सच को प्राथमिकता देनी चाहिए.
सड़कों के निर्माण और भ्रष्टाचार पर उठाए सवाल
सपा प्रमुख ने प्रदेश में बुनियादी ढांचे और सड़कों के निर्माण में हो रहे भ्रष्टाचार को लेकर भी सरकार को घेरा. उन्होंने एक 63 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे का जिक्र करते हुए कहा कि 4000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनी इस सड़क पर दर्जनों गड्ढे हो चुके हैं और दूसरे ही दिन सड़क ढहने की खबरें आ जाती हैं. इसके अलावा उन्होंने गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का उदाहरण देते हुए कहा कि 90 किलोमीटर की फोर-लेन सड़क 7000 करोड़ रुपये की लागत से बनाई जा रही है. अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि जब ऐसी बड़ी वित्तीय अनियमितताएं और बुनियादी ढाँचे की खामियां सामने आती हैं, तो मीडिया इन विषयों पर सवाल क्यों नहीं पूछता.
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