उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मिलकर प्रतियोगी छात्रों ने सरकारी भर्तियों में हो रही धांधली, लगातार पेपर लीक और नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया को लेकर अपना गंभीर दर्द और नाराजगी व्यक्त की. 'यूपी तक' (UP Tak) की एक्सक्लूसिव वीडियो रिपोर्ट में छात्रों ने राहुल गांधी के सामने उत्तर प्रदेश भर्ती बोर्ड और राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए.
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10x10 के कमरे में सालों की मेहनत एक झटके में बेकार
राहुल गांधी से बातचीत के दौरान प्रतियोगी छात्र अविनाश और अजय राघव ने प्रयागराज में रहकर तैयारी करने वाले लाखों युवाओं की पीड़ा साझा की. छात्रों ने बताया कि वे 2018 से शिक्षक भर्ती, यूपीएसआई (UPSI), यूपीएसएसएससी (UPSSSC PET), यूपीपीएससी RO/ARO और पुलिस कांस्टेबल की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन बार-बार पेपर लीक और भर्ती प्रक्रियाओं में देरी के कारण उनका भविष्य अधर में लटका हुआ है.
एक छात्र ने भावुक होते हुए कहा, “10/10 के छोटे से कमरे में सालों तक रात-दिन मेहनत करने के बाद जब पेपर लीक की खबर आती है, तो समझ नहीं आता कि हम किसे अपना मुंह दिखाएं. अमीर लोग पैसे देकर पेपर खरीद लेते हैं और हम जैसे किसान परिवार के युवाओं का भविष्य खत्म हो जाता है.”
नॉर्मलाइजेशन और पारदर्शिता पर खड़े किए बड़े सवाल
बातचीत के दौरान छात्रों ने उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) और अन्य आयोगों द्वारा अपनाई जाने वाली नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया पर भी गंभीर धांधली का आरोप लगाया:
- स्कोर कार्ड जारी न करना: छात्रों का आरोप है कि परीक्षा के बाद बोर्ड अभ्यर्थियों को उनके रॉ मार्क्स (Raw Marks) और नॉर्मलाइज्ड मार्क्स (Normalized Marks) नहीं बताता.
- पारदर्शी फॉर्मूला न होना: नॉर्मलाइजेशन में किस फॉर्मूले का इस्तेमाल किया जा रहा है, इसे सार्वजनिक नहीं किया जाता, जिससे पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं.
- लगातार पेपर लीक का सिलसिला: युवाओं ने 2017 से लेकर अब तक यूपी दरोगा भर्ती, कांस्टेबल भर्ती, लेखपाल भर्ती, RO/ARO परीक्षा और शिक्षक भर्ती में हुए पेपर लीक का ब्यौरा राहुल गांधी के सामने रखा.
छात्रों की प्रमुख मांगें
- फिक्स्ड एग्जाम कैलेंडर: जैसे चुनाव की तारीखें और नतीजे तय समय सीमा (3 महीने) में आते हैं, वैसे ही सभी प्रतियोगी परीक्षाओं का एक पारदर्शी भर्ती कैलेंडर जारी किया जाए.
- पारदर्शिता और जवाबदेही: नॉर्मलाइजेशन का स्पष्ट फॉर्मूला सार्वजनिक किया जाए और हर छात्र को उसका स्कोर कार्ड दिया जाए.
- समयबद्ध नियुक्तियां: सालों से लटकी पड़ी शिक्षक और यूपीएसएसएससी की भर्तियों को तुरंत पूरा किया जाए.
राहुल गांधी ने छात्रों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और शिक्षा प्रणाली तथा भर्ती प्रक्रिया में जरूरी बदलाव व युवाओं की आवाज संसद और सड़क पर उठाने का आश्वासन दिया.
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