'चढ़ावा-चंदा चोरों का गिरोह...', राम मंदिर विवाद पर अखिलेश यादव का बड़ा हमला, रामभक्तों से की ये अपील

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे और चंदे को लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तीखा हमला बोलते हुए इसे 'पावर स्ट्रगल' बताया है. साथ ही उन्होंने दुनिया भर के रामभक्तों, सनातनी समाज और सर्वोच्च न्यायालय से इस पूरे मामले का संज्ञान लेने की अपील की है.

अखिलेश यादव
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अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे और चंदे को लेकर शुरू हुआ सियासी घमासान रुकने का नाम नहीं ले रहा है. समाजवादी पार्टी (सपा) के सुप्रीमो अखिलेश यादव ने एक बार फिर इस मुद्दे को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और प्रशासन पर तीखा हमला बोला है. पत्रकारों से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने मंदिर के चढ़ावे में कथित हेरफेर को लेकर गंभीर आरोप लगाए और इसे 'पावर स्ट्रगल' (सत्ता का संघर्ष) करार दिया.

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चढ़ावा चंदा चोरों का गिरोह जन आक्रोश का सामना नहीं कर पा रहा

अखिलेश यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "सच्चाई तो यह है कि चढ़ावा, चंदा और दान चोरों का गिरोह अब जन आक्रोश का सामना नहीं कर पा रहा है." उन्होंने आरोप लगाया कि यह गिरोह जनता के गुस्से से डरा हुआ है और बीजेपी के लोग किसी भी सीमा तक जाकर झूठा प्रचार कर सकते हैं.

विश्व भर के रामभक्तों और सनातनी समाज से संज्ञान लेने की अपील

सपा अध्यक्ष ने इस पूरे मामले पर देश और दुनिया के रामभक्तों से संज्ञान लेने की अपील की है. उन्होंने कहा, "मैं तो यही कहूंगा कि संपूर्ण विश्व के रामभक्त और दुनिया भर के सनातनी संज्ञान लें कि अयोध्या में क्या हो रहा है. अयोध्या के पूज्य साधु-संत, माननीय सर्वोच्च न्यायालय, माननीय लोकसभा अध्यक्ष और समस्त पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समाज भी इस पूरे मामले का संज्ञान ले."

ईडी-सीबीआई नहीं, लखनऊ और दिल्ली के बीच 'पावर स्ट्रगल'

जब पत्रकारों ने अखिलेश यादव से पूछा कि क्या इस मामले की जांच ईडी (ED), सीबीआई (CBI) या इनकम टैक्स से होनी चाहिए, तो उन्होंने दिलचस्प जवाब दिया. अखिलेश ने कहा कि यह मामला केंद्रीय एजेंसियों का नहीं बल्कि लखनऊ और दिल्ली के बीच की अंदरूनी लड़ाई है.

अखिलेश ने कहा, "यह पावर स्ट्रगल है. अगर ईडी, सीबीआई या इनकम टैक्स होता तो जांच किसके हाथ में होती? जब तक दिल्ली वाले कुछ सोच पाते, लखनऊ वालों ने अपने हाथ में सब कुछ ले लिया. एसआईटी (SIT) क्या है और इसकी रिपोर्ट किसको दी गई है? एसआईटी जांच हुई तो यह किसके हाथ में है, यह बात भी समझने की जरूरत है." 

क्या है पूरा मामला?

बता दें कि इस पूरे विवाद की शुरुआत जून के शुरुआती हफ्ते में हुई थी, जब अखिलेश यादव ने राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेरफेर का मुद्दा उठाया था. विपक्ष के बढ़ते दबाव के बाद सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया. एसआईटी ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है. अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, जांच एजेंसियों ने इस मामले में 8 लोगों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से 80 लाख रुपये से अधिक की रकम बरामद की जा चुकी है. फिलहाल मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है.