Ram Mandir Chadhawa: अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावे और दान की राशि में कथित हेराफेरी के मामले ने पूरे देश को चौंका दिया है. इस मामले में पुलिस ने अनुकल्प मिश्रा नामक एक आरोपी को भी गिरफ्तार किया है. अनुकल्प मिश्रा पर आरोप है कि राम जन्मभूमि में होने वाली नोटों की गिनती और उसकी देखरेख की जिम्मेदारी उसी की थी. वह प्राइवेट एजेंसी की तरफ से बैंक का कर्मचारी बनकर वहां काम करता था. उसकी देखरेख में ही नोट गिने जाते थे और बैंक में जमा किए जाते थे. अब उसकी गिरफ्तारी के बाद कई चौंकाने वाली बातें सामने आ रही हैं. इस बीच अनुकल्प मिश्रा के घर आज तक की टीम पहुंची है. इस दौरान मौके पर उनकी बहन घर पर मौजूद थीं. हालांकि, वे घर के बाहर तो नहीं आई लेकिन अंदर से ही बंद दरवाजे के पीछे से ही उन्होंने अपना पक्ष रखा है. इस दौरान अनुकल्प मिश्रा की बहन ने आज तक से कहा कि उनके भाई को इस मामले में फंसाया जा रहा है.
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15 हजार की सैलरी और 40 लाख का घर
आज तक की टीम जब अयोध्या में स्थित अनुकल्प मिश्रा के घर पहुंची तो वहां का नजारा हैरान करने वाला था. यह घर एक बेहद अच्छी कॉलोनी में बना हुआ है. आसपास के लोगों और छानबीन से पता चला कि यह पूरा मकान लगभग 600 से 700 स्क्वायर मीटर में फैला हुआ है. इस घर की कीमत करीब 40 से 45 लाख रुपये बताई जा रही है. बताया जा रहा है कि अनुकल्प का पूरा परिवार करीब एक से डेढ़ साल पहले ही इस नए घर में शिफ्ट हुआ था. इससे पहले यह परिवार किसी दूसरी जगह पर रहता था.
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल अनुकल्प की कमाई को लेकर उठ रहा है. अनुकल्प मिश्रा की चाची नेहा मिश्रा ने कैमरे के सामने आकर अपने ही भतीजे के कई बड़े राज खोले हैं. नेहा मिश्रा का दावा है कि अनुकल्प को हर महीने महज 15,000 रुपये सैलरी मिलती थी. चाची ने सवाल उठाया है कि इतनी कम सैलरी पाने वाले इंसान ने इतने कम समय में इतनी अकूत संपत्ति और आलीशान फ्लैट्स कैसे खड़े कर लिए. इसी दावे के बाद जांच एजेंसियां एक्टिव हो गई हैं कि आखिर एक मामूली तनख्वाह पाने वाले शख्स के पास 40 लाख का घर खरीदने के लिए पैसा कहां से आया.
आज तक की टीम घर पहुंची, नहीं खोला दरवाजा
आज तक की टीम जब अनुकल्प मिश्रा के घर पर पहुंची तो घर के अंदर लोग मौजूद थे लेकिन किसी ने भी दरवाजा नहीं खोला. खबरें सामने आने और अनुकल्प की गिरफ्तारी के बाद से ही परिवार मीडिया के सामने आने से बच रहा है. काफी प्रयास के बाद अनुकल्प मिश्रा की बहन ने बंद दरवाजे के अंदर से ही अपना पक्ष रखा. उसने आज तक की टीम से एक्सक्लूसिव बातचीत की और अपने भाई पर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया.
बहन का दावा भाई को फंसाया जा रहा
बंद दरवाजे के पीछे से बात करते हुए अनुकल्प की बहन ने कहा कि उनके भाई को इस मामले में गलत तरीके से फंसाया जा रहा है. उनसे पूछा गया कि क्या अनुकल्प नोटों की गिनती में शामिल नहीं थे तो बहन ने कहा कि उनका इस चोरी से कोई लेना-देना नहीं है वह इसमें शामिल नहीं थे. बहन ने बताया कि यह घर उन्होंने 2 साल पहले ही खरीदा है. मुकदमा दर्ज होने के बाद अनुकल्प ने परिवार से इस बारे में कुछ नहीं कहा था. परसों हुई गिरफ्तारी से पहले भी अनुकल्प का रुख सामान्य था और उन्होंने परिवार से कोई खास बात नहीं की थी. बहन का कहना है कि वे लोग पिछले 10 साल से यहां रहकर पढ़ाई कर रहे हैं.
चाची के आरोपों पर बहन का पलटवार
अनुकल्प की बहन से पूछा गया कि उनकी चाची नेहा मिश्रा ने ही उन पर अकूत संपत्ति बनाने के आरोप लगाए हैं तो बहन ने पारिवारिक दुश्मनी की बात कबूली. बहन ने कहा कि नेहा मिश्रा उनकी कोई नहीं हैं. उनके चाचा की नेहा से 10 साल पहले शादी हुई थी और तब से ही उनके बीच कोर्ट केस चल रहा है. बहन का आरोप है कि पुरानी रंजिश और मुकदमेबाजी के कारण ही चाची चाहती हैं कि उनका पूरा परिवार फंस जाए. उन्होंने कहा कि चाची यहां रहती भी नहीं हैं और उनका परिवार से कोई मतलब नहीं है, इसलिए वे जानबूझकर उनके भाई पर झूठे आरोप लगा रही हैं.
आय के स्रोतों की तलाश
फिलहाल अनुकल्प मिश्रा को पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दिया है, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है. अब इस पूरे मामले की जांच एसआईटी कर रही है. जांच एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी का यह पूरा नेटवर्क आखिरकार कैसे काम करता था. अनुकल्प के आय के वास्तविक स्रोत क्या थे और उसने इतनी कम सैलरी में इतने एसेट्स और बिल्डिंग कैसे खड़ी की. आने वाले दिनों में पूछताछ के दौरान इस गबन से जुड़े कई और राज सामने आ सकते हैं.
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