अयोध्या में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले CEO का ऐलान हो गया है. उत्तर प्रदेश के ही देवरिया के भोपतापुरा गांव के रहने वाले एयर रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा राम मंदिर के CEO होंगे. CEO के इस पद के लिए कुल 5585 लोगों ने आवेदन दिया था. इसके बाद रिटायर्ड जस्टिस प्रमोद कोहरी अध्यक्षता में स्क्रीनिंग कमेटी ने 16 कैंडिडेट का इंटरव्यू लिया और 3 नामों को एक लिफाफा में रखकर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास को दे दिया है. इस पूरी प्रक्रिया के बाद CEO पद के लिए रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के नाम पर मुहर लगी है. उनकी नियुक्ति के बाद अब सवाल उठने लगा है कि आखिर इस पद के लिए क्या योग्यता रखी गई थी और अब इनका काम क्या होगा? आइए विस्तार से समझते हैं पूरी बात.
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CEO के पद के लिए क्या रखी गई थी शर्तें?
राम मंदिर के CEO पद के लिए ट्रस्ट की ओर से कुछ नियम और योग्यता रखी गई थी, जो कि:
1.शैक्षणिक योग्यता: आवेदन करने के लिए उम्मीदवार को कम से कम ग्रेजुएट(स्नातक) होना जरूरी था.
2. उम्र सीमा: आवेदक की उम्र 50 साल या उससे ज्यादा और 70 साल से कम होनी चाहिए थी.
3. अनुभव: उम्मीदवार को किसी बड़े सरकारी विभाग, कंपनी या पब्लिक ऑर्गेनाइजेशन में कम से कम 20 साल के मैनेजमेंट का एक्सपीरियंस होना अनिवार्य रखा गया था.
4. आस्था: CEO पद के लिए आवेदन करने वाला व्यक्ति सनातनी हिंदू होने के साथ-साथ रोज पूजा-पाठ करने वाला हो. अगर आवेदक वैष्णव परंपरा से जुड़ा हुआ राम भक्त है तो उसे प्राथमिकता दी जाएगी.
5. भाषा का ज्ञान: उम्मीदवार को हिंदी और अंग्रेजी दोनों ही भाषाओं का अच्छा ज्ञान होना अनिवार्य था.
क्या होगा CEO का काम?
राम मंदिर के पहले CEO के तौर पर जितेंद्र मिश्रा की नियु्क्ति हुई है और वे सीधे ट्रस्ट के महासचिव को रिपोर्ट करेंगे. CEO का काम होगा:
- मंदिर और ट्रस्ट के दैनिक प्रशासन का संचालन.
- ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन की देखरेख, जिसमें ट्रस्ट के धन के प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाएं और प्रक्रियाएं शामिल हैं.
- प्रशासनिक और वैधानिक अनुपालन सुनिश्चित करना, ताकि ट्रस्ट अपने ट्रस्ट डीड, लागू कानूनों और नियम-कायदों के अनुसार काम करें.
- श्रद्धालुओं और तीर्थयात्रियों का प्रबंधन, जिसमें मंदिर आने वाले बड़ी संख्या में भक्तों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं करना शामिल है.
- सुरक्षा व्यवस्था का समन्वय, उत्तर प्रदेश सरकार, स्थानीय प्रशासन और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर.
- कर्मचारियों और मानव संसाधन का प्रबंधन, जिसमें संगठन के लिए उपयुक्त ढांचा तैयार करना भी शामिल है.
- धार्मिक आयोजनों और अनुष्ठानों की व्यवस्था सुनिश्चित करना, ताकि दैनिक पूजा और प्रमुख त्योहार सुचारु रूप से संपन्न हों.
- ट्रस्ट की संपत्तियों और परिसंपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना.
- ट्रस्ट बोर्ड द्वारा मंजूर परियोजनाओं को क्रियान्वित करना.
- संस्था का विकास और निर्माण, जिसमें संगठन के आकार और जरूरतों के अनुरूप व्यवस्थाएं, प्रक्रियाएं और कार्यप्रणाली विकसित करना शामिल है.
- नियमों, विनियमों और ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करना.
- ट्रस्ट और मंदिर की प्रतिष्ठा बनाए रखना तथा सनातन परंपराओं को बढ़ावा देने और उन्हें मजबूत करने की दिशा में काम करना.
ट्रस्ट में शामिल किए गए 3 नए सदस्य
राम मंदिर के CEO के नियुक्ति से पहले अयोध्या स्थित मणिराम दास छावनी में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक आयोजित हुई थी. इस बैठक में ट्रस्ट में 3 नए सदस्यों को ट्रस्ट में शामिल किया गया. इनमें दिल्ली के महेश भागचंदका ट्रस्ट में ट्रस्टी बने, जो कि अशोक सिंघल के रिश्तेदार है. इसके अलावा शिकोहाबाद की निर्मला यादव और अयोध्या के मदन मोहन पांडेय भी नए ट्रस्टी बनाए गए है. ये तीनों ही बैठक में ऑनलाइन माध्यम से जुड़े हुए थे.
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