'गलत का साथ देना भी गुनाह है...' Ex मुस्लिम सलीम वास्तिक की गिरफ्तारी के बाद सगे भाई मुजफ्फर हसन खोले कई राज, देखें वीडियो

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 25 साल से फरार चल रहे सलीम वास्तविक उर्फ सलीम खान को लोनी से दबोच लिया है. 1995 के एक मासूम के अपहरण और हत्या के मामले में कोर्ट ने इसे उम्रकैद सुनाई थी. अब गिरफ्तारी के बाद उसके सगे भाई मुजफ्फर हसन ने परिवार के रिश्तों पर चौंकाने वाला खुलासे किए हैं.

Saleem Wastik Kidnapping Case
Saleem Wastik Kidnapping Case

शरद मलिक

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Saleem Wastik Kidnapping Case: सोशल मीडिया पर 'एक्स मुस्लिम' के नाम से अपनी पहचान बनाने वाले सलीम वास्तविक के अतीत का काला पन्ना आखिरकार खुल ही गया. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने शनिवार सुबह गाजियाबाद के लोनी स्थित उसके आवास पर छापेमारी कर सलीम वास्तविक को गिरफ्तार कर लिया. यह गिरफ्तारी 31 साल पुराने एक मासूम बच्चे के अपहरण और सनसनीखेज हत्याकांड के मामले में हुई है. क्या है पूरा मामला चलिए जानते खबर में जानते हैं विस्तार से...

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क्या था 1995 का वो खौफनाक कांड?

यह पूरा मामला 20 जनवरी 1995 का है, जब दिल्ली से 13 साल के मासूम संदीप बंसल का अपहरण किया गया था. किडनैपर्स ने भारी-भरकम फिरौती की मांग की थी. इसके बाद आरोपी ने मासूम की हत्या कर दी थी. इस मामले में मुख्य आरोपी सलीम खान (जो अब सलीम वास्तविक बन चुका था) को 1997 में कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी. साल 2000 में वो जमानत पर बाहर आया. इसके बाद से वो पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया.

नाम बदलकर छिपता रहा अपराधी

फरारी के बाद दौरान सलीम खान ने अपनी पहचान पूरी तरह बदल ली. पहले वो सलीम खान से सलीम अहमद बना और फिर सलीम वास्तविक बन गया. पिछले 25 सालों से वो शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ और गाजियाबाद जैसे इलाकों में अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था. इसके बाद 27 फरवरी 2026 को उस पर जानलेवा हमला हुआ था तो वो चर्चा में आ गया. हालांकि इस हमलें वो बाल-बाल बच गया, लेकिन वह पुलिस की नजरों से नहीं बच पाया.

भाई का बड़ा खुलासा: "हमारा उससे कोई वास्ता नहीं"

सलीम की गिरफ्तारी के बाद जब 'यूपी तक' की टीम उसके पैतृक गांव शामली के नानूपुरा पहुंची तो वहां उसके भाई मुजफ्फर हसन ने जो कहा उसने सबको हैरान कर दिया. मुजफ्फर ने साफ लहजे में कहा कि "जो गलत आदमी है, गलत काम करता है. उसका साथ देना भी गुनाह है. उसके साथ रहना ही नुकसानदेह है."

भाई ने खुलासा किया कि सलीम ने लगभग 25-30 साल पहले ही घर छोड़ दिया था. परिवार ने उससे सारे रिश्ते नाते तोड़ लिए थे. मुजफ्फर ने बताया कि उन्हें सलीम की गिरफ्तारी की खबर भी मीडिया से मिली और वे अब उससे कोई संबंध नहीं रखना चाहते.

कानून के शिकंजे में 'मौत को मात' देने वाला सलीम

सलीम वास्तविक ने अस्पताल में मौत को तो मात दे दी थी, लेकिन 31 साल पुराने कानून के लंबे हाथों से वह नहीं बच सका. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि फरारी के इतने सालों में उसे किन-किन लोगों ने पनाह दी और उसने अपनी पहचान बदलने के लिए किन फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया.

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