खुद से चुना इस्लाम या ब्रेनवॉश? करोड़ों की संपत्ति वाले शामली के आयुष मलिक उर्फ मोहम्मद अली ने सबकुछ बता दिया!

उत्तर प्रदेश के शामली में करोड़ों की संपत्ति वाले आयुष मलिक उर्फ मोहम्मद अली ने खुलासा किया है कि वे 13 साल की उम्र से ही यूट्यूब और सोशल मीडिया पर इस्लामिक वीडियो देखकर प्रभावित हुए थे.

आयुष मलिक उर्फ मोहम्मद अली
आयुष मलिक उर्फ मोहम्मद अली

अरविंद ओझा

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उत्तर प्रदेश के शामली जिले से सामने आया हाई-प्रोफाइल धर्मांतरण का मामला इन दिनों सुर्खियों में है. करोड़ों रुपये की संपत्ति और मेडिकल स्टोर के मालिक आयुष मलिक उर्फ मोहम्मद अली ने मीडिया के सामने आकर सिलसिलेवार ढंग से बताया है कि वे किस तरह हिंदू से मुसलमान बने. हालांकि, यूपी पुलिस और जांच एजेंसियों के मुताबिक यह मामला एक सोचे-समझे धर्मांतरण रैकेट का हिस्सा हो सकता है, लेकिन आयुष खुद को किसी भी रैकेट से दूर बताते हुए इसे अपनी निजी इच्छा और सोशल मीडिया का असर कह रहे हैं.

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फिजियोथेरेपी के दौरान चांदनी कुरैशी से मुलाकात

आयुष मलिक ने बताया कि कुछ साल पहले उनके कंधे में चोट (लिगामेंट टियर) लग गई थी, जिसके इलाज के लिए वे एक फिजियोथेरेपिस्ट के पास जाते थे. वहीं उनकी मुलाकात चांदनी कुरैशी से हुई. धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और आज से करीब 4 साल पहले दोनों ने दिल्ली में निकाह कर लिया.

13 साल की उम्र से ही YouTube पर देखने लगे थे वीडियो

जब आयुष से पूछा गया कि उनके इस बदलाव की शुरुआत कब और कैसे हुई, तो उन्होंने बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया. आयुष के मुताबिक जब वे महज 13-14 साल के थे, तब अचानक उनका ब्लड प्रेशर (BP) बढ़ जाता था और हाथ कांपने लगते थे.

उस दौरान उन्होंने यूट्यूब पर वीडियो देखना शुरू किया, जहां एक वीडियो में सलाह दी गई कि घबराहट या हाथ कांपने पर 'कुल हुवल्लाहु' (कुरान की सूरह) का पाठ करें, इससे मानसिक ताकत मिलेगी. आयुष ने ऐसा करना शुरू किया और धीरे-धीरे उनका झुकाव इस्लाम की तरफ बढ़ने लगा.

पाकिस्तानी मौलाना डॉ. इसरार अहमद के वीडियो से थे प्रभावित

आयुष उर्फ मोहम्मद अली ने कुबूल किया कि वे धर्म परिवर्तन के लिए किसी मौलवी के संपर्क में नहीं आए, बल्कि इंटरनेट के जरिए खुद ही सीखते चले गए. वे यूट्यूब पर पाकिस्तानी इस्लामिक स्कॉलर डॉ. इसरार अहमद सहित दुनिया भर के कई मोटिवेशनल और धार्मिक स्पीकर्स के वीडियो देखते थे. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के एल्गोरिदम के कारण उन्हें दीन और इस्लाम से जुड़े शॉर्ट्स और वीडियो लगातार सजेस्ट होने लगे, जिसने उन्हें काफी प्रभावित किया. इस बार उन्होंने पहली बार शामली की ईदगाह में नमाज भी अदा की, जिसके बाद उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं.

 

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