गौ रक्षा को लेकर उत्तर प्रदेश की सभी विधानसभाओं में 'गौष्ठी यात्रा' निकाल रहे ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती सोमवार को सीतापुर पहुंचे. वहां मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने राम मंदिर में चढ़ावा चोरी, एसआईटी (SIT) जांच और उत्तर प्रदेश के आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर बेहद तेजतर्रार अंदाज में अपनी बात रखी. शंकराचार्य के इन बयानों ने यूपी के सियासी गलियारों में एक नई हलचल पैदा कर दी है.
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राम मंदिर में अभी न्याय नहीं हुआ, चंगू-मंगू को बाहर करो
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले और उस पर चल रही एसआईटी जांच को लेकर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने साफ कहा कि वह अभी तक न्याय हुआ नहीं मानते. उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, "चाहे ट्रस्ट भंग करो या एफआईआर करो, लेकिन भगवान के दरबार में पहले सही लोगों को बैठाओ ताकि वहां फिर से विश्वास की बहाली हो सके. जिन सरकारों के द्वारा कार्रवाई होनी है, ये उन्हीं के लोग हैं, इसलिए उन्हें क्या सजा मिलेगी कुछ पता नहीं है. लेकिन कम से कम हमारे मंदिर का परिसर तो पवित्र हो जाए. जो चंगू-मंगू वहां बैठे हैं, उन्हें वहां से हटाया जाए."
क्या चंपत राय और अखिलेश यादव के बीच कोई कनेक्शन है?
सोशल मीडिया पर चंदा चोरी के आरोपी टिन्नू यादव और सपा प्रमुख अखिलेश यादव के बीच संबंधों को लेकर जब सवाल पूछा गया, तो शंकराचार्य ने एक अलग ही थ्योरी सामने रख दी. अयोध्या के एक संत के दावे का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि यदि टिन्नू यादव और अखिलेश के बीच 840 बार फोन पर बातचीत का रिकॉर्ड सच है, तो इसकी तत्काल जांच होनी चाहिए.
उन्होंने आगे कहा, "टिन्नू यादव तो श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का खास आदमी था, यह प्रमाणित है. सिर्फ यादव होने की वजह से उसे अखिलेश यादव से जोड़ना सही नहीं है. सवाल तो यह उठता है कि क्या चंपत राय खुद अखिलेश यादव से मिले हुए हैं? क्या वे अंदरूनी तौर पर मिलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फंसाने की बड़ी साजिश रच रहे थे? इस बात की जांच होनी चाहिए कि नरेंद्र मोदी द्वारा बैठाए गए लोग ही कब उनके खिलाफ साजिश करने लग गए."
2027 के चुनाव को लेकर किया बड़ा इशारा
यूपी में साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर शंकराचार्य ने इशारों-इशारों में सत्ता परिवर्तन की बात कह दी. उन्होंने कहा, "2027 के संदर्भ में अगर आप इसे जोड़कर देख रहे हैं, तो इसका मतलब है कि भगवान खुद कुछ चाहते होंगे कि भाई अब ये लोग यहां से हटें."
बृजभूषण शरण सिंह के दर्द का किया समर्थन
शंकराचार्य ने बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के राम मंदिर और चढ़ावा चोरी को लेकर दिए गए बयानों का भी खुलकर समर्थन किया. उन्होंने कहा, "बृजभूषण शरण सिंह ने बहुत ही ईमानदारी और साफगोई से बात कही है. वह राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े व्यक्ति हैं. इतने पास रहने के बावजूद अगर वह दर्शन करने नहीं जा रहे हैं, तो इसका सीधा मतलब है कि उन्होंने अपने मन में एक बड़ी पीड़ा लंबे समय से छुपाकर रखी है."
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