खेल-खेल में मौत… सिद्धार्थनगर में पानी टंकी पर चढ़े 5 बच्चे, लेकिन अचानक टूट गई सीढ़ी… फिर जो हुआ उसने सबको हिला दिया

Siddharthnagar Water Tank Accident: उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर में कांशीराम आवास के पास बनी जर्जर पानी की टंकी पर खेल रहे पांच बच्चे हादसे का शिकार हो गए. सीढ़ी टूटने से तीन बच्चे 80 फीट नीचे गिर पड़े, जबकि दो ऊपर फंस गए. एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि सेना के हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू कर बाकी को बचाया गया.

सिद्धार्थनगर में बड़ा हादसा
सिद्धार्थनगर में बड़ा हादसा

अनिल तिवारी

follow google news

Siddharthnagar Water Tank Incident: यूपी के सिद्धार्थनगर जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है. यहां जिला मुख्यालय पर स्थित कांशीराम आवास योजना के पास बनी एक पुरानी पानी की टंकी की सीढ़ी अचानक टूट गई. इस हादसे में तीन बच्चे ऊंचाई से नीचे गिर गए, जबकि दो बच्चे टंकी के ऊपर ही फंस गए. इस घटना में एक बच्चे की जान चली गई है. ममाले की जानकारी पुलिस-प्रशासन को लगी तो उनके पांव-फूल गए. आनन-फानन में पुलिस मौके पर पहुंची और टंकी पर फंसे बच्चों के रेस्क्यू के लिए पूरी रात अभियान चलाया. लेकिन पुलिस-प्रशासन को कोई सफलता हाथ नहीं लगी. इसके बाद सेना से मदद मांगी गई तब जाकर बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला गया.

Read more!

मामला सिद्धार्थनगर के सदर थाना इलाके के बेलहिया चौराहे के पास का है. यहां 2 मई की दोपहर लगभग 1 बजे पांच नाबालिग बच्चे खेल खेल में पास में बनी एक पुरानी पानी की टंकी पर चढ़ गए. इस दौरान जब बच्चे नीचे उतरने की कोशिश कर रहे थे तो तभी अचानक टंकी की सीढ़ी टूटकर लटक गई. सीढ़ी टूटने के कारण करीब 80 फीट की ऊंचाई से तीन बच्चे सीधे जमीन पर गिर पड़े और 2 बच्चे टंकी के ऊपर ही फंस गए. इस बीच सीमेंट की सीढ़ी और बच्चों के गिरने की आवाज सुनकर कॉलोनी के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और पुलिस प्रशासन को इसकी सूचना दी.

एक बच्चे की मौत और दो घायल

हादसे के तुरंत बाद नीचे गिरे तीनों बच्चों को इलाज के लिए पास के ही मेडिकल कॉलेज लेकर जाया गया. वहां डॉक्टरों ने 14 वर्षीय सिद्धार्थ को मृत घोषित कर दिया. वहीं, इस हादसे में घायल 13 वर्षीय गोलू और 11 वर्षीय सनी का इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है. घटना की जानकारी मिलते ही DM, ADM, SDM और ASP सहित भारी संख्या में पुलिस बल और राहत बचाव दल मौके पर पहुंच गया और रेस्क्यू आपॅरेशन शुरू किया.

रात भर चला बचाव अभियान

टंकी के ऊपर फंसे दो बच्चों, पवन कुमार और कल्लू को बचाने के लिए प्रशासन ने पूरी रात मेहनत की. टंकी के नीचे के हिस्से में पानी भरा होने के कारण रेस्क्यू वाहनों को वहां तक पहुंचाना मुश्किल था. ऐसे में प्रशासन ने रात भर मिट्टी डलवाकर रास्ता बनाने की कोशिश की लेकिन सुबह हल्की बारिश होने की वजह से रास्ता फिर गीला और फिसलन भरा हो गया. जमीन से रेस्क्यू करने में आ रही दिक्कतों को देखते हुए प्रशासन ने सेना से मदद मांगी.

सेना के हेलीकॉप्टर ने किया रेस्क्यू

करीब 16 घंटे के लंबे इंतजार के बाद सुबह लगभग 5 बजे गोरखपुर से सेना का हेलीकॉप्टर मौके पर पहुंचा. खराब मौसम के बावजूद सेना के जवानों ने टंकी पर फंसे दोनों बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया.  मौसम खराब होने की वजह से हेलीकॉप्टर दोनों बच्चों को लेकर सीधे गोरखपुर चला गया. डीएम शिवशरणप्पा जीएन ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही आपदा राहत टीम को सक्रिय कर दिया गया था और सेना के समन्वय से बच्चों को सुरक्षित बचा लिया गया है.

28 साल से बेकार पड़ी थी टंकी

क्षेत्रीय सभासद सतीश रस्तोगी ने बताया कि इस घटना की जानकारी उन्हें करीब डेढ़ घंटे पहले मिली. सूचना मिलते ही उन्होंने तुरंत नगर पालिका के EO और प्रशासनिक अधिकारियों को घटना की जानकारी दी और खुद भी मौके पर पहुंच गए. उन्होंने बताया ये टैंक 1989 के आसपास बना था और पहले अधिकारियों के आवासों में पानी की सप्लाई के लिए इस्तेमाल होता था, लेकिन लंबे समय से ये बंद और बेकार पड़ा था.  करीब 27-28 साल पहले ही इसे जर्जर घोषित कर डिमोलिश करने के आदेश दिए जा चुके थे. रस्तोगी ने बताया कि सूचना मिलते ही प्रशासन, बचाव दल और नगर पालिका की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया. उन्होंने कहा कि अगर बच्चों को टैंक की जर्जर हालत का अंदाजा होता तो शायद यह हादसा नहीं होता.

यह भी पढ़ें: मेरठ में तीन मासूम बेटियों के सामने मां का गला रेता, मजीद नगर में कत्ल से फैली दहशत

    follow google news