राजा रघुवंशी की हत्या के बाद शिलांग से UP के गाजीपुर कैसे पहुंची सोनम, नेपाल भागने का था अगला प्लान?

राजा रघुवंशी मर्डर के बाद सोनम शिलांग से यूपी के गाजीपुर कैसे पहुंची? क्या था नेपाल भागने का प्लान? सरेंडर या साजिश? जानिए पूरी कहानी.

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तस्वीर: एमपी तक.

न्यूज तक डेस्क

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मध्य प्रदेश के इंदौर की रहने वाली सोनम और राज रघुवंशी हनीमून मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है. राजा का शव के मिलने के बाद सोनम गायब थी. आशंका जताई गई कि सोनम को अगवा कर बांग्लादेश ले जाया गया है. हालांकि मामले तब चौंकाने वाला खुलासा हुआ जब सोनम उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में नंदगंज इलाके के एक ढाबे पर मिली. 

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अब एक सवाल सबके मन में कौंध रहा है कि सोनम गाज़ीपुर ही क्यों गई? ये सवाल अब इस पूरे राजा रघुवंशी हत्याकांड का सबसे बड़ा रहस्य बन गया है. एक नवविवाहित जोड़ा, राजा और सोनम, जो इंदौर से अपने हनीमून के लिए मेघालय गया था, कुछ ही दिनों में प्रेम कहानी से क्राइम थ्रिलर में तब्दील हो गई.

ये कहानी यहीं खत्म नहीं होती. अब कहानी वहीं से शुरू होती है जहां सोनम मेघालय के पहाड़ों से निकलकर गाजीपुर पहुंचती है. करीब 1200 किलोमीटर का सफर, कई राज्य, घुमावदार रास्ते और फिर अचानक सरेंडर! 

सोनम का गाजीपुर आना खड़े करता है कई सवाल  

सवाल ये है कि क्या ये भागने की कोशिश थी या सोची-समझी साजिश? सूत्रों की मानें तो सोनम गाजीपुर से गोरखपुर होते हुए नेपाल भागने के प्लान में थी. नेपाल जहां छिप जाना आसान, और निकल जाना और भी आसान होता है. अगर वाकई सोनम नेपाल जाना चाहती थी, तो सीधा चेरापूंजी से सिक्किम के रास्ते नेपाल जाना कहीं ज्यादा आसान होता. तो फिर गाजीपुर ही क्यों? क्या कोई गुप्त ठिकाना पहले से तय था? क्या उसे कोई नेटवर्क गाइड कर रहा था?

कोई चेहरा है जिसका सामने आना बाकी है?  

क्या उसके पास कोई ट्रैवल प्लान था? अगर हां, तो उसने इतनी बड़ी ट्रेवल प्लानिंग उसने अकेले तो कतई नहीं की होगी...अब सवाल उठता है कि कहीं वो फ्लाइट से गई ? अगर उसने फ्लाइट लिया तो फिर एयरपोर्ट पर ID चेकिंग कैसे पास हुई? क्या कोई उसकी मदद कर रहा था? या फिर कोई और चेहरा है, जो अभी भी पुलिस की नजरों से छुपा हुआ है?

गाजीपुर में सोनम को सबसे पहले देखने वाले सुनील यादव का दावा है कि सोनम खुद कह रही थी कि उसे नहीं पता वो कैसे पहुंची! अब सोचिए, क्या ऐसा मुमकिन है कि कोई महिला सैकड़ों किलोमीटर सफर तय करे और खुद न जानती हो कि कैसे? या फिर ये उस साजिश की आखिरी स्क्रिप्ट थी, जिसमें वो अब मासूम बनकर सामने आना चाहती थी.

सोनम का दावा- उसे किडनैप किया गया था 

हत्या के बाद सोनम ने गाजीपुर के नंदगंज थाने में सरेंडर किया. इससे पहले उसने अपने भाई को कॉल कर के पूरी जानकारी दी.  हालांकि, अब सोनम ने जो कुछ कहा है वो और भी हैरान करने वाली है, सोनम ने अब दावा किया है कि उसे किडनैप किया गया था. यानी स्टोरी में एक नया ट्विस्ट.   

ये सिर्फ एक प्रेम कहानी नहीं थी, ये वो किस्सा था जो चेरापूंजी की नर्म वादियों में पनपा और गाजीपुर की साज़िशी गलियों में दम तोड़ गया. चेहरों पर मुस्कान थी, मगर भीतर चालें बिछी थीं. उन नकाबपोश चेहरों की परतें अब भी नहीं खुलीं. शायद जब आखिरी नकाब उतरेगा… तब हनीमून की तस्वीरों से निकलकर ये कहानी क्राइम नेटवर्क की डायरी में दर्ज होगी. कहानी यहीं खत्म नहीं हुई है…साज़िश अभी सांस ले रही है. 

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