SSC GD exam scam: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स ने कर्मचारी चयन आयोग यानी कि SSC के एग्जाम में गड़बड़ी करने वाले एक बड़े गैंग को पकड़ा है. आरोप है कि ये गैंग कर्मचारी चयन आयोग यानी SSC द्वारा आयोजित CAPF, SSF कांस्टेबल जीडी और असम राइफल्स राइफलमैन परीक्षा-2026 में सेटिंग कर अभ्यर्थियों को पास कराने का काम कर रहा था. एक गुप्त सूचना पर शुक्रवार को STF ने ग्रेटर नोएडा के एक परीक्षा केंद्र पर छापा मारकर गैंग के मास्टरमाइंड समेत 7 लोगों को दबोच लिया है. पकड़े गए आरोपियों के पास से भारी मात्रा में कैश और इस काम में इस्तेमाल की जाने वाली इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस बरामद किए हैं.
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मुखबिर की सूचना पर नॉलेज पार्क में छापा
दरअसल, STF को पिछले काफी समय से ऑनलाइन परीक्षाओं में हाईटेक तरीके से धांधली किए जाने की सूचनाएं मिल रही थीं. इसी के आधार पर STF की नोएडा टीम ने जांच शुरू की. इस दौरान टीम को पता चला कि ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क इलाके में स्थित बौधी तारू इंटरनेशनल स्कूल में बने बालाजी डिजिटल जोन नाम के परीक्षा केंद्र पर बड़ा फर्जीवाड़ा चल रहा है. इस इनपुट के आधार पर 22 मई को शाम एसटीएफ दलबल के साथ लोकेशन पर पहुंच गई.
7 सात लोगों को अरेस्ट
STF के पहुंचते ही इलाके में अफरा तफरी मच गई. इस कार्रवाई में STF मौके से 7 सात लोगों को अरेस्ट किया है. पकड़े गए आरोपियों की पहचान प्रदीप चौहान, अरुण कुमार, संदीप भाटी, निशांत राघव, अमित राणा, शाकिर मलिक और विवेक कुमार के रूप में हुई है. पुलिस ने छापेमारी में इनके पास से 50 लाख रुपये कैश बरामद किया है. इसके अलावा भी आरोपियों के पास से कई उपकरण बरामद हुए हैं.
आरोपियों के पास से क्या क्या मिल?
- 10 मोबाईल
- 05 लैपटॉप
- 01 राउटर
- कैंडिडेट्स की एक लिस्ट
- 02 एडमिट कार्ड
- Eduquity Company की 04 एंट्री और ID कार्ड
ऐसे करते थे एग्जाम में धांधली
STF की जांच में गैंग के काम करने के तरीको को लेकर कई हैरान करने वाले खुलासा हुआ है. STF के मुताबिक, गैंग के लाेग ऑनलाइन परीक्षा सिस्टम को हैक करने की बजाय कंपनी के सर्वर को बायपास करके एक अलग से प्रॉक्सी सर्वर लगा देते थे. इसके बाद स्क्रीन शेयरिंग व्यूअर एप्लिकेशन की मदद से परीक्षा का पेपर सेंटर से बाहर बैठे सॉल्वर तक पहुंचा दिया जाता था. यहां मौजूद सॉल्वर बाहर से ही सवालों को हल कर एग्जाम सेंटर के अंदर बैठे कैंडिडेट को आंसर उपलब्ध करा देते थे.
लंबे समय से चल रहा था खेल
STF की जांच में ये भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी प्रदीप चौहान लंबे समय से इस अवैध धंधे को चला रहा था. उसने बालाजी डिजिटल जोज नाम से ये एग्जाम सेंटर तैयार किया हुआ था. इस केंद्र पर एडुक्विटी कंपनी के माध्यम से SSC की ऑनलाइन परीक्षा आयोजित कराई जा रही थी. गैंग का दूसरा आरोपी अरुण कुमार इस पूरे खेल का तकनीकी काम संभालता था. अरुण कुमार ही परीक्षा केंद्र के अंदर चुपके से प्रॉक्सी सर्वर सेट करने का काम करता था ताकि बाहर से पेपर हल कराया जा सके. STF अब पकड़े गए आरोपियों से आगे की पूछताछ कर रही है.
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