तिहाड़ जेल से निकलते ही मुंह छुपाकर भागने लगा स्वतंत्र भारद्वाज, देखें रिहाई का हैरान करने वाला वीडियो

शिवानी गोस्वामी

18 Sep 2026 (अपडेटेड: Sep 18 2026 12:26 PM)

Swatantra Bhardwaj Jantar Mantar Case: जंतर-मंतर मारपीट मामले के आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को पटियाला हाउस कोर्ट से अंतरिम जमानत मिलने के बाद तिहाड़ जेल से रिहा कर दिया गया. रिहा होते ही स्वतंत्र भारद्वाज मास्क लगाकर और मुंह छिपाकर मीडिया के कैमरों से भागता हुआ टैक्सी में बैठकर रवाना हो गया.

तिहाड़ जेल से निकलते ही मुंह छुपाकर भागने लगा स्वतंत्र भारद्वाज
तिहाड़ जेल से निकलते ही मुंह छुपाकर भागने लगा स्वतंत्र भारद्वाज
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Swatantra Bhardwaj Released Tihar Jail: कल तक जो शख्स कैमरे के सामने हंसते हुए अपने जुर्म कबूल करने और किसी का कुछ न बिगाड़ पाने का दावा कर रहा था, जेल से बाहर आते ही उसका अंदाज पूरी तरह बदला नजर आया. जंतर-मंतर मारपीट मामले में सुर्खियों में आया आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज 17 सितंबर की रात तिहाड़ जेल से रिहा हुआ. लेकिन जेल के गेट से बाहर निकलते ही उसने कुछ ऐसा किया कि वहां मौजूद मीडियाकर्मी भी हैरान रह गए.

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रिहाई के बाद स्वतंत्र ने चेहरे पर मास्क लगाया, दोस्त का हाथ पकड़ा और तेजी से दौड़ते हुए बाहर खड़ी कैब में जा बैठा. उसने खिड़की से चेहरा नजर न आए, इसके लिए कैब की बीच वाली सीट चुनी और कुछ ही पलों में वहां से निकल गया.

पॉडकास्ट क्लिप वायरल होने के बाद मचा था बवाल

मामले की शुरुआत 23 जून 2026 को जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन से हुई थी. आरोप है कि इस दौरान स्वतंत्र भारद्वाज ने अपने हाथ में पहने कड़े से एक व्यक्ति के सिर पर वार कर दिया था, जिससे उसे गंभीर चोट आई थी.

शुरुआत में मामला शांत रहा, लेकिन सितंबर की शुरुआत में एक पॉडकास्ट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. इसमें स्वतंत्र भारद्वाज हंस-हंसकर दावा कर रहा था कि उसने पीड़ित का सिर फोड़ दिया था और राजनीतिक संरक्षण की वजह से पुलिस उसका कुछ नहीं बिगाड़ पाई. वीडियो वायरल होने के बाद भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद और अन्य समर्थकों ने संसद मार्ग थाने पर प्रदर्शन किया, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई.

बुलंदशहर से हुई थी गिरफ्तारी, लगी थीं गंभीर धाराएं

बवाल बढ़ता देख दिल्ली पुलिस ने 4 सितंबर 2026 को स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से गिरफ्तार किया था. पटियाला हाउस कोर्ट में पेशी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. इस मामले में एससी/एसटी एक्ट (SC/ST Act) की धाराएं और नाबालिग को धमकाने के आरोप में पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) का केस भी दर्ज किया गया था.

लगभग 14-15 दिन जेल में बिताने के बाद 15 सितंबर को पटियाला हाउस कोर्ट ने उसे कई शर्तों के साथ 3 हफ्ते की अंतरिम जमानत दे दी. कोर्ट ने शर्त रखी थी कि वह सोशल मीडिया पर केस से जुड़ा कोई पोस्ट नहीं करेगा, पीड़ित परिवार से संपर्क नहीं साधने की कोशिश करेगा और मीडिया में कोई बयानबाजी नहीं करेगा.

बदल गई तस्वीर, कैमरे से छुपाता दिखा चेहरा

जेल की शर्तों के तहत 17 सितंबर की रात स्वतंत्र भारद्वाज तिहाड़ जेल से बाहर आया. जो व्यक्ति पहले कैमरों के सामने बेबाकी से बोलता था, वही रिहाई के बाद मीडिया के कैमरों से बचता और मुंह छुपाता नजर आया.