आगरा में ताजमहल को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है. सोशल मीडिया पर दो वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें मेहताब बाग से ताजमहल की तरफ मुंह करके कुछ लोग पूजा-अर्चना और आरती करते दिखाई दे रहे हैं. इनमें से एक वीडियो 54 सेकंड और दूसरा 12 सेकंड का है. मामला तूल पकड़ते ही पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
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ASI ने दर्ज कराई शिकायत
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के वरिष्ठ संरक्षण सहायक (एतमाद्दौला उपमंडल) की तरफ से इस मामले में पुलिस को लिखित शिकायत दी गई. शिकायत में कहा गया कि 17 अगस्त 2026 को सोशल मीडिया के जरिए ये वीडियो सामने आया. राष्ट्रीय संरक्षित स्मारक से जुड़े नियमों का उल्लंघन करते हुए वहां धार्मिक गतिविधि की गई और उसका वीडियो बनाया गया. ASI ने नियमों के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है.
पुलिस एक्शन में, इन धाराओं में दर्ज हुआ केस
ASI की शिकायत के आधार पर आगरा के एत्माद्दौला थाने में 17 अगस्त की रात 11 बजे FIR दर्ज कर ली गई.
- जांच अधिकारी: मामले की जांच इंस्पेक्टर राजवीर सिंह को सौंपी गई है.
- लगाई गईं धाराएं: प्राचीन स्मारक एवं पुरातत्वीय स्थल और अवशेष अधिनियम 1958 की धारा 30(1), भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की धारा 67.
फिलहाल FIR में आरोपियों के नाम शामिल नहीं हैं. पुलिस डिजिटल सबूतों और वीडियो फुटेज के जरिए लोगों की पहचान करने में जुटी है कि वीडियो किसने बनाया और वहां असल में क्या-क्या हुआ था.
हिंदू महासभा का बड़ा बयान
इस विवाद पर अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अज्जू चौहान की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने दावा करते हुए कहा कि ताजमहल असल में शिव मंदिर है, था और हमेशा रहेगा. उन्होंने बताया कि सावन के तीसरे सोमवार के मौके पर ताजमहल के भीतर विराजमान भगवान भोलेनाथ की आरती उतारी गई और उन्हें दूध अर्पित किया गया. फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की डिजिटल पड़ताल कर रही है और आरोपियों की तलाश जारी है.
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