अजय पाल शर्मा को धमकाने वाले TMC नेता रिजू दत्ता मांग रहे हैं माफी! सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

Riju Dutta Apologizing Video: टीएमसी से निलंबित प्रवक्ता रिजू दत्ता ने आईपीएस अजय पाल शर्मा के खिलाफ की गई अपनी विवादित टिप्पणियों के लिए वीडियो जारी कर बिना शर्त माफी मांग ली है.

अजय पाल
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सुषमा पांडेय

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Riju Dutta Apologizing Video: पश्चिम बंगाल की राजनीति और उत्तर प्रदेश के चर्चित IPS अधिकारी अजय पाल शर्मा के बीच उपजा विवाद अब एक नए मोड़ पर आ गया है . तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता और प्रवक्ता रिजू दत्ता, जिन्होंने कुछ समय पहले आईपीएस अजय पाल शर्मा को लेकर तीखी बयानबाजी की थी, अब अपने रुख से पूरी तरह पलट गए हैं. रिजू दत्ता ने एक वीडियो जारी कर सार्वजनिक रूप से अजय पाल शर्मा से माफी मांगी है.

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क्या है पूरा मामला?

दरअसल, पश्चिम बंगाल चुनाव और उसके बाद की राजनीतिक गहमागहमी के दौरान रिजू दत्ता ने आईपीएस अजय पाल शर्मा के खिलाफ विवादित टिप्पणियां की थीं. उन्होंने सीधे तौर पर उन्हें "धमकाने" वाले अंदाज में बातें कही थीं . हालांकि, अब रिजू दत्ता का कहना है कि उन्होंने जो कुछ भी कहा था, वह एक पार्टी प्रवक्ता के तौर पर पार्टी की गाइडलाइन और हेडक्वार्टर के निर्देशों के तहत कहा था. 

व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं थी

वीडियो संदेश में रिजू दत्ता ने सफाई देते हुए कहा कि उनकी अजय पाल शर्मा से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है . उन्होंने कहा, "जो भी बातें मैंने कही थीं, वह एक पार्टी के प्रवक्ता के तौर पर पार्टी हेडक्वार्टर में बैठकर कही थीं . वह कोई व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं थी ." रिजू ने आगे कहा कि वह कानून और पुलिस अधिकारियों का सम्मान करते हैं और पुरानी बातों के लिए खेद जताते हैं .

पार्टी से किनारा या नई रणनीति?

सोशल मीडिया पर इस माफीनामे को लेकर चर्चाएं तेज हैं . कुछ लोग इसे रिजू दत्ता की व्यक्तिगत सुरक्षा और कानूनी कार्रवाई से बचने की कवायद मान रहे हैं, तो कुछ इसे टीएमसी की बदली हुई रणनीति का हिस्सा बता रहे हैं . गौरतलब है कि अजय पाल शर्मा उत्तर प्रदेश कैडर के एक बेहद कड़क और 'एनकाउंटर स्पेशलिस्ट' छवि वाले आईपीएस अधिकारी माने जाते हैं .

रिजू दत्ता की इस माफी के बाद फिलहाल आईपीएस अजय पाल शर्मा या उत्तर प्रदेश पुलिस की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है . लेकिन इस घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया है कि सोशल मीडिया और राजनीतिक रैलियों में की गई बयानबाजी कभी-कभी नेताओं के लिए गले की फांस बन जाती है .
 

 

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