त्रिपुरा कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) अनुराग धनखड़ का अंतिम संस्कार आज उनके पैतृक निवास उत्तर प्रदेश के बागपत (बड़ौत) में किया जाएगा. 20 जुलाई को अगरतला स्थित त्रिपुरा पुलिस मुख्यालय में उनके कार्यालय के कमरे में उनका शव बरामद हुआ था. शुरुआती जांच में पुलिस इसे खुदकुशी का मामला मानकर तफ्तीश कर रही है.
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घटना की खबर मिलते ही आईपीएस धनखड़ के छोटे भाई तुरंत अगरतला पहुंचे. इसके साथ ही उत्तर प्रदेश से बागपत के एसपी सूरज राय और एएसपी प्रवीण कुमार चौहान भी त्रिपुरा रवाना हुए. जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद त्रिपुरा पुलिस के अधिकारियों की निगरानी में शव को एयर एंबुलेंस से दिल्ली लाया गया. इसके बाद पार्थिव शरीर को सड़क मार्ग के जरिए बागपत के बड़ौत में स्थित उनके पैतृक घर पहुंचाया गया, जहां परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
अस्पताल पहुंचने से पहले ही थम चुकी थीं सांसें
घटना वाले दिन दोपहर लगभग 12 बजे आईपीएस अधिकारी को गंभीर हालत में अगरतला के जीबी पंत अस्पताल ले जाया गया था. अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर प्रदीप भौमिक के अनुसार, जब उन्हें लाया गया तब उनकी नब्ज और ब्लड प्रेशर पूरी तरह बंद हो चुका था. डॉक्टरों की विशेषज्ञ टीम ने करीब 48 मिनट तक उन्हें सीपीआर (CPR) देकर बचाने की हरसंभव कोशिश की, लेकिन दोपहर 12:48 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. मौत के सटीक कारणों और शारीरिक चोटों के निशानों को लेकर विस्तृत जानकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही साफ हो पाएगी.
शानदार करियर और मजबूत प्रशासनिक पकड़
1994 बैच के त्रिपुरा कैडर के आईपीएस अधिकारी अनुराग धनखड़ ने पिछले साल 17 मई को राज्य के DGP का पदभार संभाला था. इससे पहले वे इंटेलिजेंस विंग के प्रमुख के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे. अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने त्रिपुरा पुलिस में आईजी (कानून-व्यवस्था), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में आईजी (कार्मिक), ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) जैसी प्रमुख केंद्रीय एजेंसियों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई थीं.
उच्च शिक्षा और तकनीक में गहरी महारत
दिवंगत आईपीएस अफसर शैक्षणिक रूप से काफी समृद्ध थे. उन्होंने मैसूर स्थित CFTRI से फूड टेक्नोलॉजी में मास्टर डिग्री की थी. इसके बाद उस्मानिया यूनिवर्सिटी से पुलिस मैनेजमेंट में पोस्ट ग्रेजुएशन किया. सुरक्षा मामलों में विशेष रुचि के चलते उन्होंने नैल्सार (NALSAR) यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ से साइबर क्राइम में डिप्लोमा और अमेरिका के ACFE संस्थान से 'सर्टिफाइड फ्रॉड एग्जामिनर' की योग्यता भी हासिल की थी.
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