Uma Bharti train chain pulling controversy: मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी की फायरब्रांड नेता उमा भारती कथित ट्रेन चेन पुलिंग मामले को लेकर विवादों में घिर गई हैं. मामला झांसी रेलवे स्टेशन का है. दरअसल, यहां से उन्हें दिल्ली जाने के लिए पंजाब मेल पकड़नी थी, लेकिन बताया जा रहा है कि वे समय पर प्लेटफॉर्म तक नहीं पहुंच पाईं और ट्रेन अपने निर्धारित समय पर रवाना हो गई. ऐसे में वहां मौजूद अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए. बताया जा रहा है कि इसके बाद उमा भारती के लिए कथित तौर पर चैन पुलिंग कर ट्रेन रुकवाई गई. इस दौरन पंजाब मेल झांसी स्टेशन पर लगभग 6 मिनट तक रुकी रही. इस बीच मीडिया ने जब इस मामले में उमा भारती से सवाल किए तो उन्होंने ट्रेन छूटने का ठीकरा रेलवे के अधिकारियों पर फोड़ा दिया. उन्होंने कहा कि ये मेरी नहीं रेल अधिकारियों की गलती है और इसके लिए वे रेलमंत्री को पत्र लिखेंगी
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रेलवे की अव्यवस्था पर बरसीं पूर्व मुख्यमंत्री
इस दौरान उमा भारती ने मीडिया से बात करते हुए इस घटना के लिए रेल अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि वे स्टेशन पर समय से पहुंची थीं, ये रेलवे प्रशासन गलती की है. उमा भारती ने बताया कि वो दोपहर 2 बजकर 18 मिनट पर ही स्टेशन पहुंच गई थीं, जबकि ट्रेन का समय 2 बजकर 23 मिनट था. उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पास 5 मिनट का समय होने के बावजूद उन्हें सही समय पर एस्केलेटर और अन्य सुविधाएं नहीं मिलीं, जिस कारण वे समय पर कोच तक नहीं पहुंच पाईं.
ट्रेन रुकने से यात्री रहे हैरान
वहीं इस पूरे घटनाक्रम के दौरान ट्रेन में बैठे आम यात्री काफी देर तक ये जानने की कोशिश करते रहे कि आखिर ट्रेन को क्याे रोका गया है. ट्रेन का खुलने के बाद अचानक यूं रुक जाना यात्रियों के बीच कौतूहल विषय बना रहा.
स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज की मांग
इस बीच अब घटना के बाद उमा भारती ने एक्स पर एक पोस्ट की है. इसमें उन्होंने रेल मंत्री और रेल मंत्रालय को टैग करते हुए यात्रियों के लिए तत्काल सुधारों की मांग की है. झांसी स्टेशन पर कथित चेन पुलिंग कर ट्रेन रुकवाने के मामले में उमा भारती ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से बड़ी मांग की है. उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि झांसी रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज निकलवाए जाने चाहिए. उमा भारती का दावा है कि वे ट्रेन आने के समय से पहले ही स्टेशन पहुंच गई थीं, लेकिन रेलवे की तकनीकी और व्यावहारिक दिक्कतों की वजह से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा.
ये बताया देरी का कारण
अपनी पोस्ट में घटना का के बारे में बताते हुए उमा भारती ने बताया कि उन्हें बैटरी गाड़ी से प्लेटफॉर्म नंबर 1 से 4 पर ले जाया जा रहा था. इसी दौरान जिस ट्रैक को पार करना था, वहां से एक दूसरी ट्रेन गुजरी जिसके कारण उन्हें काफी देर खड़ा रहना पड़ा. इतना ही नहीं आगे बढ़ने पर एक हाथ ठेला ट्रैक में फंसा हुआ मिला. इसे उनके सुरक्षाकर्मियों ने धक्का देकर निकलवाया. उमा भारती ने कहा कि जब वो प्लेटफॉर्म 4 पर पहुंचीं तो तब तक पंजाब मेल चल चुकी थी और किसी ने उनके लिए चेन पुलिंग की.
शारीरिक असमर्थता की कही बात
पूर्व सीएम ने अपनी शारीरिक स्थिति का हवाला देते हुए कहा कि वह तेजी से चलने में असमर्थ हैं, जिससे रेलवे अधिकारी सालों से परिचित हैं. उन्होंने लिखा, "एस्केलेटर पर मुझे तकलीफ हो सकती थी, इसलिए बैटरी गाड़ी की व्यवस्था की गई थी." उन्होंने सवाल उठाया कि ट्रेन अपने निर्धारित समय से 2 मिनट पहले कैसे प्रस्थान कर गई? उमा भारती के अनुसार, रेलवे का आधुनिकीकरण तो हो रहा है, लेकिन पुरानी व्यवस्थाओं को सजग रखना भी जरूरी है.
आम जनता और दिव्यांगों की पीड़ा पर सवाल
उमा भारती ने अपनी पोस्ट में लिखा कि स्टेशनों पर आमजन, दिव्यांग, बुजुर्ग और गोद में बच्चे लिए महिलाएं अक्सर ऐसी अव्यवस्थाओं का शिकार होती हैं. उन्होंने कहा कि वो झांसी के स्थानीय अधिकारियों को दोषी नहीं मानतीं, बल्कि यह रेलवे के उच्च स्तर पर संचालित व्यवस्था की कमी है. उन्होंने रेल मंत्री से जल्द मिलकर मथुरा और झांसी की इन घटनाओं पर विस्तार से बात करने की बात कही है.
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